Uttarakhand News, 22 February 2023: Dehradun| उत्तराखंड सरकार ने पानी की चोरी और पेयजल के बिलों का भुगतान न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जल संस्थान ने विजिलेंस सेल का गठन कर दिया है। इस सेल में पुलिस से प्रतिनियुक्ति पर डीएसपी, इंस्पेक्टर लिए जाएंगे। अब अवैध पेयजल कनेक्शन, पानी बिल का भुगतान नहीं करने वालों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
सरकार से विजिलेंस सेल के गठन की मंजूरी मिलते ही मुख्य महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग ने भी इसके आदेश जारी कर दिए हैं। विजिलेंस सेल बिना विधिवत कनेक्शन लेने और अवैध तरीके से पेयजल का इस्तेमाल करने पर कार्रवाई करेगी। भूजल के अवैध दोहन करने पर भी कार्रवाई होगी।
यूपीसीएल में प्रभावी नहीं विजिलेंस सेल: जल संस्थान ने यूपीसीएल की तर्ज पर विभागीय विजिलेंस सेल का गठन किया है। यूपीसीएल में ये विजिलेंस सेल बहुत अधिक प्रभावी नहीं है। जबकि यूपीसीएल में डीआईजी स्तर के अफसर को नेतृत्व दिया गया है। इसके साथ ही एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत एक बड़ी टीम है। इसके बाद भी बिजली चोरी नहीं रुकी है।
कर्मचारी संगठन ने जताया आभार: जल संस्थान कर्मचारी संगठन ने विजिलेंस सेल के गठन पर मैनेजमेंट का आभार जताया। महामंत्री रमेश बिंजौला ने कहा कि लंबे समय से विजिलेंस सेल की मांग की जा रही थी।
विभागीय शिकायतों पर भी अब रहेगी नजर
विजिलेंस सेल पर विभागीय सामान्य सतर्कता मामले देखने की भी जिम्मेदारी रहेगी। विभाग में कानून व्यवस्था और सम्बन्धित मामलों में विभाग की सहायता करनी होगी। विभाग से सम्बन्धित मामलों में न्यायिक और प्राधिकारियों के पास जहां भी जरूरी हो, वहां शिकायत दर्ज करानी होगी।
विजिलेंस सेल चलाएगी जाँच अभियान
विजिलेंस सेल अभियान चला कर अवैध कनेक्शनों को चिह्नित करते हुए उन्हें नियमित कराएगा। अवैध कनेक्शन को लेकर दायित्व निर्धारित करते हुए सम्बन्धित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति विजिलेंस सेल करेगा। पेयजल, सीवर कनेक्शन मंजूर किए जाने, शुल्क निर्धारण में गड़बड़ी पाए जाने पर जांच का जिम्मा सेल पर होगा। जरूरत पड़ने पर पानी चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विजिलेंस सेल में इन्हें मिली तैनाती
जल संस्थान में विजिलेंस सेल का गठन करने के साथ ही स्टाफ तैनात कर दिया है। एक्सईएन दक्षिण शाखा देहरादून आशीष भट्ट, बीएस नेगी, एई अब्दुल राशिद, बीएस नेगी अपर सहायक अभियंता जगदीश पंवार, अनिरुद्ध भंडारी, विनोद असवाल, दीपेंद्र बिष्ट, विनोद असवाल, लेखाधिकारी अनुज काला को शामिल किया गया है।