Uttarakhand News 06 Jan 2026: हल्द्वानी में आखिर किन हाथों से अर्जुन को मौत देने की परमिशन मिली? जब भारी वाहनों का प्रवेश तय समय-सीमा तक वर्जित है तो नियम रौंदते इस वाहन को कैसे प्रवेश मिल गया। शहर की सड़कों पर डंपर समेत ऐसे वाहनों का तांडव पहले ही नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाता रहा है जिन्हें पुलिस-प्रशासन रोक नहीं पाता है। तो फिर सर्द मौसम में ट्रक, डंपर और भारी वाहनों के नो इंट्री में प्रवेश से थाना और चौकियां गरम होती रहीं?

अर्जुन मौर्य को खौफनाक मौत देने के लिए जो वाहन सड़क पर उतरा उसे नो-इंट्री में कैसे आने दिया गया। सुबह आठ से शाम आठ बजे तक शहर के मार्गों पर बड़े वाहनों की नो एंट्री के वक्त यह वाहन सड़क पर क्यों था। इसे परमिशन देते वक्त हुई मंत्रणा में पुलिस, प्रशासन को ऐसा क्या विशेष दिखा जिससे यह तय हो गया कि यह सड़क पर काल बनकर नहीं दौड़ेगा। लोगों की जान से खेलने की कीमत पर शहर में ऐसा कौन सा विकास कार्य चल रहा है जिससे ऐसे वाहन को नो एंट्री में परमिशन देकर किसी को रौंद दिया गया। अर्जुन की मौत के बाद अब ऐसे तमाम सवाल पुलिस, प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। पुलिस, प्रशासन की वाहन को नो इंट्री में घुसने की गलत परमिशन ने होरी लाल के परिवार को अथाह दुख में धकेल दिया। होरी लाल का मंझला बेटा ललित अपने छोटे भाई अर्जुन के साथ मुखानी से ऊपर की तरफ आ रहा था, उससे पहले नैनीताल रोड पर कॉलटैक्स के पास खड़े पुलिसकर्मियों ने यमदूत को उस रोड पर घुसने की इजाजत दे दी। यह इजाजत बाद में अर्जुन का कत्ल करने के लिए दी गई इजाजत साबित हुई। सड़क पर मौत बांटते जिन वाहनों को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने नो एंट्री की लकीर खींची थी उसे इस विशेष यमदूत के लिए मिटा दिया गया था। यही बात इस पूरे प्रकरण के लिए पुलिस-प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर देती है।