Uttarakhand News 29 Jan 2026: सामरिक दृष्टि से अहम उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले स्थिति चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी और चमोली जिले में स्थित गौचर हवाई पट्टी को अब वायु सेना के सहयोग से विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार और वायु सेना इसका संयुक्त रूप से संचालन करेंगी। इसे वायु सेना के एडवांस लैंडिग ग्राउंड के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। नागरिक उड्डयन विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।

प्रदेश में हेली व हवाई सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। यह अब आवागमन का एक प्रमुख साधन बन रहा है। उत्तराखंड की सीमाएं चीन व नेपाल से सटे होने के कारण यह सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। उत्तरकाशी व चमोली की सीमाएं चीन से लगती हैं। ऐसे में यह दोनों जिले सुरक्षा की दृष्टि से भी अहम हो जाते हैं।

इस समय चिन्यालीसौड़ व गौचर को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है। यहां एयर स्ट्रिप भी है। यानी यहां हेलीकाप्टर के साथ ही विमान भी उड़ सकते हैं। प्रदेश सरकार पहले निजी क्षेत्र के सहयोग से यहां विमान सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही थी। इस बीच वायु सेना ने इसमें रुचि दिखाई। इसे लेकर भारतीय वायु सेना, रक्षा मंत्रालय व उत्तराखंड सरकार के बीच विभिन्न स्तरों की बैठकें हुईं।

इसके बाद यहां संयुक्त रूप से नागरिक व सैन्य संचालन के उद्देश्य से एडवांस लैंडिग ग्राउंड लीज के आधार पर रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव बनाया गया। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

अपर सचिव मुख्यमंत्री, बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस हवाई पट्टी को विकसित करने का कार्य वायु सेना करेगी। यहां सेना के साथ ही नागरिक सेवाएं भी संचालित की जाएंगी।