Uttarakhand News 31 Jan 2026: खटीमा। स्कूल बस से टक्कर से जान गंवाने वाले तीनों युवक मेहनत-मजदूरी कर परिवार की आजीविका चलाते थे। इनमें से देवेंद्र सिंह चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी शादी का रिश्ता हो चुका था। उसकी शादी होनी थी। वहीं, राजेश सिंह अपने पीछे दो मासूम बेटियों व पत्नी को रोता-बिलखता छोड़ गया है, जबकि राजेश सिंह उर्फ बिल्ला अभी अविवाहित था। इस घटना से तीनों मृतकों के स्वजन में कोहराम मचा हुआ है। बाइक चालक देवेंद्र ने हेलमेट नहीं पहना था।

प्रतापपुर नंबर सात निवासी देवेंद्र सिंह पुत्र उमेश सिंह, राजेश सिंह पुत्र दर्शन सिंह एवं राजेश सिंह पुत्र पंचम सिंह विगत चार वर्षों से एक सात काम करते थे। देवेंद्र राजमिस्त्री व दोनों अन्य मृतक उसके साथ मजदूरी करते थे। तीनों झनकट से काम करके घर वापस लौट रहे थे। घर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्कूल बस ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें तीनों की अस्पताल में मौत हो गई।

अस्पताल आए लोगों ने बताया कि देवेंद्र के पिता भी राजमिस्त्री का काम करते हैं। वह अपने परिवार का इकलौता चिराग था। उसके घर में माता रुकमणी देवी, बहन कामिनी, नगीता, ज्योति व दिव्या है। बहन दिव्या दिव्यांग है। पिता उमेश सिंह के मुताबिक देवेंद्र की अभी शादी नहीं हुई थी, लेकिन उसका रिश्ता तय हो गया था। उसकी शादी होनी थी, जिसे लेकर घर में तैयारियां भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन उससे पहले ही अनहोनी हो गई।

राजेश पुत्र पंचम सिंह की शादी 2015 में गांव से ही हुई थी। घर में उसकी पत्नी शिशुकला, बेटी रितिका, जसिका, मां प्रेमवती, बड़ा भाई चंदन सिंह, धर्मपाल व बहन मानवती हैं। वहीं, राजेश पुत्र दर्शन भी अभी अविवाहिता था। उसके दो भाई हैं।