Uttarakhand News 05 Feb 2026: देहरादून। घरों में सौर ऊर्जा का प्रयोग करने में पिछले एक साल में उत्तराखंड ने छह गुना लंबी छलांग लगा दी है। प्रकृति की गोद में बसे इस पर्वतीय राज्य ने रूफ टॉप सोलर अपनाने में देश के 26 राज्यों को पीछे छोड़ते हुए टॉप-10 में जगह पक्की कर ली है।
ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में राज्य में 58,562 रूफटॉप सोलर सिस्टम लग चुके हैं, जिससे 58,724 परिवार मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं।
घरों के लिए फरवरी 2024 में पीएम सूर्य घर योजना शुरू होने के बाद से अब तक पूरे देश में 20,85,514 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। राज्यवार प्रगति के मामले में 9वें स्थान पर पहुंच चुके उत्तराखंड ने कई अधिक आबादी वाले राज्यों के लिए चुनौती पैदा कर दी है।
देश में कुल रूफटॉप सोलर कनेक्शन में उत्तराखंड की हिस्सेदारी पिछले एक साल में डेढ़ से बढ़कर तीन प्रतिशत हो गई है। उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी के मुख्य परियोजना अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि पीएम सूर्यघर योजना में राज्य ने लक्ष्य के अनुरूप सकारात्मक प्रगति की है।
उत्तराखंड इन प्रमुख राज्यों से आगे:
राज्य
रूफटॉप सोलर क्षमता
उत्तराखंड
58,562
तमिलनाडु
51,227
हरियाणा
48,149
ओडिशा
27,614
तेलंगाना
25,272
छत्तीसगढ़
21,365
जम्मू-कश्मीर
18,497
कर्नाटक
15,082
बिहार
14,276
पंजाब
10,777
हिमाचल प्रदेश
6,022
दिल्ली
5,427
कम होगा 42.28 लाख टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन
पीएम सूर्य घर योजना से न केवल घरों के बिजली बिल कम हो रहे हैं, बल्कि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगने से 1,000 बिलियन यूनिट हरित बिजली पैदा होगी और आगामी 25 वर्षों में लगभग 720 मिलियन टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा।
इस अनुपात में देखें तो उत्तराखंड में अब तक लगे 58,724 रूफटॉप सोलर सिस्टम के कारण अगले 25 वर्षों में लगभग 4.23 मिलियन टन (42.28 लाख टन) कार्बन डाइ आक्साइड का उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।
योजना के प्रमुख लाभ
परिवारों के लिए मुफ्त-सस्ती बिजली
सरकार पर बिजली सब्सिडी का बोझ कम
जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी
स्वच्छ ऊर्जा की ओर प्रगति तेज
कार्बन उत्सर्जन में कमी










