Uttarakhand News 06 Feb 2026: समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं में फर्जीवाड़े पर शासन ने सख्ती दिखाई है। अपात्र पाए गए 1377 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोक दी गई है।

ये पूर्व कर्मचारी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बावजूद वृद्धावस्था व विधवा पेंशन का लाभ ले रहे थे। शासन ने अपात्रों की सूची तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को मामले की विस्तृत जांच सौंपी है।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की डाटा विश्लेषण और क्रास वेरिफिकेशन प्रक्रिया में दोहरी पेंशन का मामला सामने आया।

कैग ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन और सरकारी कर्मचारियों की पेंशन के डाटा का आधार नंबर के माध्यम से मिलान किया, जिसमें 1377 अपात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पहचान हुई। तीन दिन पूर्व कैग ने इस संबंध में शासन को पत्र भेजते हुए जनपदवार सूची उपलब्ध कराई और इसका सत्यापन करने को कहा।

समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी के अनुसार प्रारंभिक जांच में 93 ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारी सामने आए, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, जबकि 314 मामलों में पेंशन संदिग्ध पाई गई थी। इन दोनों श्रेणियों की पेंशन पहले ही रोक दी गई थी।

अब दोनों श्रेणियों के साथ ही कैग की रिपोर्ट के बाद 1377 अपात्र लाभार्थियों को भी पेंशन वितरण से बाहर कर दिया गया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से डीबीटी के माध्यम से जारी 9.47 लाख समाज कल्याण पेंशन लाभार्थियों की पेंशन में इन अपात्रों को शामिल नहीं किया गया।

सचिव अद्दांकी ने बताया कि जिलाधिकारी यह भी जांच करेंगे कि अपात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन किन स्तर पर आनलाइन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्वीकृत हुई।

जांच के बाद जिम्मेदार लोग के नाम शासन को भेजे जाएंगे और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं के लिए सीधे आनलाइन आवेदन होते हैं।

लाभार्थियों का चयन का ग्रामीण और शहरी निकाय करते हैं। जांच के बाद यह बात सामने आएगी कि यह लापरवाही किस स्तर पर हई है। साथ ही ऐसे कितने लोग है जो अपात्र होकर भी समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

‘सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पात्रता परीक्षण, सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को और अधिक मजबूत व त्वरित बनाया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता और निर्बाध रूप से पहुंच सके।’

  • पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड