Uttarakhand News 16 Feb 2026: हल्द्वानी में सात फरवरी को बनभूलपुरा के गौलापार बाईपास रोड स्थित पार्किंग में खड़े दस से ज्यादा डंपरों से बैटरियां चुराने वाले गिरोह का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया। पुलिस ने गौलापार बाईपास से चोरी करने वाले विनोद कुमार (25), रंजीत (24) और रंजीत सिंह (26) निवासी पिंडारी अशोक थाना बहेड़ी (बरेली) को गिरफ्तार किया। बैटरी खरीदने वाले कबाड़ी जलील अहमद (40) निवासी मोहल्ला अब्बासनगर बहेड़ी को पकड़ा। इनके पास से छह बैटरियां भी बरामद हुई हैं।

पुलिस बहुउद्देशीय भवन में सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी ने कहा कि 12 फरवरी को जुहैब आलम निवासी लाइन नंबर 13 आजाद नगर ने बनभूलपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। उसने कहा कि सात फरवरी उसके डंपर से बैटरी चोरी हो गई। अन्य डंपरों से बैटरी चुराई गई थी। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान में जुट गई थी।

गौलापार बाईपास रोड से लालकुआं होकर किच्छा तक सौ से ज्यादा सीसीटीवी की फुटेज देखी गई। फुटेज में कार का नंबर दिखा और इसके जरिये आरोपियों की पहचान कर पुलिस उनकी गिरफ्तारी में जुट गई।

सीओ ने कहा कि शनिवार रात बनभूलपुरा एसओ दिनेश सिंह फर्त्याल के नेतृत्व में एसआई मनोज यादव की टीम ने गौला बाईपास रोड से विनोद कुमार (25), रंजीत (24) व रंजीत सिंह (26) निवासी पिंडारी अशोक थाना बहेड़ी (बरेली) और जलील अहमद (40) निवासी मोहल्ला अब्बासनगर बहेड़ी को पकड़ा। इनके पास से वारदात में प्रयुक्त कार और छह बैटरियां भी बरामद हुईं। विनोद कुमार, रंजीत व रंजीत सिंह ने कबाड़ी जलील अहमद से बातचीत कर चोरी का माल खपाने की पहले ही बात कर ली थी। इनसे बैटरी लेने के बाद कबाड़ी यहां से बैटरियों को आगे बढ़ा देता था।

चोरी के लिए खरीदी कार

रंजीत, रंजीत सिंह और विनोद कुमार ने एक साथ कई वाहनों को निशाना बनाने की योजना बनाई। चोरी के बाद बैटरी ले जाने के लिए गाड़ी की जरूरत थी। ऐसे में तीनों एक लाख रुपये लेकर दिल्ली गए और कुछ माह पहले सेकेंड हैंड कार खरीद लाए। इसी कार में उन्होंने चोरी की बैटरियों को रखा था।

तीनों पर बहेड़ी थाना में भी 2023 में दर्ज है दो प्राथमिकी

तीनों आरोपियों पर बरेली के बहेड़ी थाना में वर्ष 2023 में चोरी की दो प्राथमिकी दर्ज है। इनके पास से चोरी का सामान भी बरामद हुआ था। कबाड़ी जलील अहमद के आपराधिक इतिहास को पुलिस खंगालने में जुटी है।

विनोद अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में हो गया था सफल

आरोपियों में से एक विनोद कुमार ने अग्निवीर भर्ती की भी परीक्षा दी थी। वह परीक्षा में सफल भी हो गया था। जब पुलिस वैरिफिकेशन हुआ तो चोरी के प्राथमिकी की बात खुल गई। ऐसे में उसकी भर्ती रोक दी गई।