Uttarakhand News 19 Feb 2026: उत्तराखंड की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता ने एक गीगावाट (1000 मेगावाट) का आंकड़ा पार कर नया कीर्तिमान बना दिया है। अब राज्य की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 1027.87 मेगावाट हो गई है।

सौर ऊर्जा का उत्पादन तेजी से बढ़ने के साथ ही उत्तराखंड हरित ऊर्जा का नया केंद्र बन गया है। अब प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक सौर ऊर्जा क्षमता को 2.5 गीगावाट (2500 मेगावाट) करने का है।

ऊर्जा क्षेत्र में उत्तराखंड की पहचान जलविद्युत परियोजनाओं से होती थी, लेकिन सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक गीगावाट से अधिक स्थापित सौर क्षमता हासिल कर राज्य ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ठोस नींव रख दी है।

राज्य ने यह उपलब्धि अनेक योजनाओं के सतत क्रियान्वयन से प्राप्त की है। इस उपलब्धि को पाने में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (उरेडा) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एजेंसी ने खासकर दूरस्थ व पर्वतीय क्षेत्रों तक सौर ऊर्जा को पहुंचाकर जन-जन से जोड़ा।

प्रदेश सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण, सब्सिडी का प्रविधान, सरल अनुमोदन प्रक्रिया तथा निजी निवेश को प्रोत्साहन दिया। इन प्रयासों से उत्तराखंड तेजी से देश के अग्रणी सौर ऊर्जा राज्यों की पंक्ति में आ खड़ा हुआ।

राज्य की कुल सौर क्षमता
परियोजना—क्षमता (मेगावाट में )
ग्राउंड माउंटेड परियोजनाएं– 397
रूफटाप सोलर पावर प्लांट (पीएम सूर्यघर) — 241
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना — 137
कामर्शियल नेट मीटरिंग — 110
कैप्टिव सोलर पावर प्लांट — 51
नहरों पर स्थापित संयंत्र– 37
सरकारी भवन — 26
पाइपलाइन में कई प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 100 मेगावाट से अधिक क्षमता के संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया में चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त कैप्टिव सोलर पावर प्लांट के 30 मेगावाट और सरकारी भवनों पर 13.5 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।