Uttarakhand News 20 Feb 2026: नैनीताल जिला न्यायालय को तीन बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। उसके बावजूद जिला पुलिस सतर्क नहीं है। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर अधिवक्ता सवाल उठाने लग गए हैं।
हल्द्वानी सिविल एवं दंड न्यायालय के मुख्य गेट में ही मेटल डिटेक्टर मशीन नहीं लगाई गई है। साथ ही पुलिस बल भी तैनात नहीं होता, धमकी भरे मेल के बाद कोर्ट परिसर के अंदर कौन आ जा रहा किसी को पता नहीं है।
नैनीताल के बाद गुरुवार को दैनिक जागरण की टीम ने हल्द्वानी के सिविल एवं दंड न्यायालय के सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की। इसमें देखने को मिला की सिर्फ एक मेटल डिटेक्टर मशीन कोर्ट परिसर के अंदर न्याय भवन के द्वार पर लगी है, जबकि भवन के पीछे के दो दरवाजों में सुरक्षा इंतजाम फेल हैं।
मेटल डिटेक्टर मशीन तो छोड़िए पीछे के दो दरवाजों में पुलिस बल भी तैनात नहीं है। आसानी से कोई भी संदिग्ध पीछे के दरवाजों से कोर्ट के अंदर घुस सकता है। आइजी रिद्धिम अग्रवाल ने कुमाऊं के सभी कोर्ट में डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर मशीन लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन उसके बावजूद सिर्फ काम चलाऊ सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
वर्ष 2021 में जिला जज के आवास में चोरी होने व कोर्ट के अंदर अलमारियों में चोरी की वारदात के बाद परिसर में पुलिस चौकी खोलने की बात कही गई। चौकी में बकायदा इंचार्ज को बैठाया गया था, लेकिन वर्तमान में चौकी कहां हैं इसका अंदाजा सुबह शाम कोर्ट में कार्य करने वाले अधिवक्ताओं को तक नहीं है। सिर्फ एक पुलिस गार्ड रूम है, जो खंडहर में तब्दील हो गया है, जिसके अंदर कोई नहीं है।










