Uttarakhand News 16 Mar 2026: हल्द्वानी। बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत पुनर्वास को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है।इसके लिए रविवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और प्रशासन की टीम ने क्षेत्र का दौरा किया। डीएम कार्यालय में बैठक भी हुई।इसमें तय हुआ कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को घर दिलाने के लिए बनभूलपुरा के छह जगहों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह शिविर 20 से 31 मार्च, 2026 तक आयोजित होंगे।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि त्रिपाठी ने कहा कि संबंधित लोगों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आमंत्रित किए जाएं और फार्म भरवाए जाएं। प्रत्येक कैंप में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। आरपीएफ भी मौजूद रहेगी। निर्णय लिया गया कि 17 मार्च से क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित फार्म का वितरण विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल एवं जिला प्रशासन की टीम के माध्यम से घर घर जाकर वितरित किए जाएंगे। कैंपों में भी पर्याप्त संख्या में आवेदन फार्म रखे जाएंगे।
बैठक में एसएसपी डा. मंजूनाथ टीसी, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उप सचिव अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल सचिव पारुल थपलियाल, पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, आयुक्त नगर निगम परितोष वर्मा, वीसी के माध्यम से रेलवे के एडीआरएम मनोज कुमार, सुरक्षा प्रभारी पवन, बृजेश कुमार आदि जुड़े थे।
बनभूलपुरा में इन स्थानों पर लगेंगे शिविर
रेलवे स्टेशन हल्द्वानी, अंजुमन इस्लामिया बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय किदवई नगर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनभूलपुरा, राजकीय कन्या इंटर कालेज बनभूलपुरा, राजकीय इंटर कालेज बनभूलपुरा, मदरसा नैनीताल पब्लिक स्कूल बनभूलपुरा में 20 मार्च से 31 मार्च 2026 तक शिविर लगाए जाएंगे। इसमें फार्म पीएम आवास योजना से के संबंध में फार्म जमा किए जाएंगे।
पार्षद व सामाजिक कार्यकर्ताओं के जरिये हो प्रचार- डीएम
डीएम ललित मोहन रयाल ने कहा कि पीएम आवास योजना का प्रचार स्थानीय पार्षदों के अतिरिक्त सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी कराया जाए। सभी टीम फार्म वितरण से संबंधित सूचना पंजिका में अंकित करेंगे और इसकी लगातार मानिटरिंग की जाएगी। फार्म वितरण से पूर्व टीम को 16 मार्च को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना का ऐसे मिलेगा लाभ
- लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण
इस योजना में ऐसे शहरी गरीब परिवारों को मदद दी जाती है जिनके पास खुद की जमीन तो है, लेकिन घर बनाने के लिए संसाधन नहीं हैं। पात्र लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से 2.25 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की सहायता मिलती है। इसके लिए परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए। - ब्याज सब्सिडी के साथ किफायती आवास
इस प्रविधान के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी वर्ग के लोगों को बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से लिए गए गृह ऋण पर अधिकतम 1.80 लाख रुपये तक ब्याज सब्सिडी मिलती है। इसके तहत अधिकतम 25 लाख रुपये तक का ऋण और 35 लाख रुपये तक के मकान पर यह सुविधा लागू होगी। आवेदक ने 20 वर्षों में किसी आवासीय योजना लाभ न लिया हो। - भागीदारी में किफायती आवास
इस योजना में राज्य सरकार, विकास प्राधिकरण या निजी क्षेत्र के साथ मिलकर किफायती आवास परियोजनाएं विकसित की जाती हैं। ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए तय कीमत पर फ्लैट उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की आर्थिक सहायता शामिल रहती है। - अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग काम्प्लेक्स
इस प्रविधान के तहत शहरी गरीब, मजदूर, कामकाजी महिलाएं और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को रोजगार स्थल के पास किराये पर किफायती आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
यह है रेलवे अतिक्रमण का मामला
बनभूलपुरा बनाम रेलवे भूमि अतिक्रमण का मामला करीब 10 साल से हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। रेलवे ने यहां 31 हेक्टेयर भूमि पर दावा किया है। इस क्षेत्र में 4365 घर बसे है, जिनमें करीब 50 हजार लोगों की आबादी निवास करती है। इसमें लगभग चार मदरसे, 20 मस्जिदें व पांच मंदिर है।
इसी क्षेत्र में पांच सरकारी व एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। बीते 24 फरवरी को मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन अतिक्रमणकारियों के पुर्नावास की तैयारी में लगा है। यदि रेलवे को यह भूमि मिल गई, तो यहां हल्द्वानी रेलवे स्टेशन का विस्तार होगा।










