Uttarakhand News 23 Mar 2026: पीएम आवास की पात्रता रखते वाले लाभार्थी अगर, तय समय तक घर का निर्माण नहीं करते हैं तो उन्हें सरकारी धन लौटाना पड़ेगा। निर्माण कार्य में देरी और बेवजह की बहानेबाजी अब नहीं चलने वाली। वहीं, घर के लिए मिले धन को किसी अन्य कार्य में उपयोग करना भारी पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से कमजोर, वंचित तबकों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है, लेकिन पात्र लाभार्थियों की मनमानी, लापरवाही व बहानेबाजी पर अंकुश लगाने की तैयारी है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि जिले में पीएम आवास का सत्यापन पूरा हो चुका है।
सरकार से बजट जारी होते ही लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिये धनराशि पहुंचनी शुरू हो जाएगी । योजना के तहत मैदान क्षेत्रों के लाभार्थियों को 1.20 लाख और पहाड़ी दुर्गम क्षेत्रों के लिए 1.30 लाख रुपये की धनराशि दी जाती है, जबकि पहाड़ी क्षेत्राें में 12 हजार शौचालय के लिए अलग से दिए जाते हैं।
वहीं, घर निर्माण की मंजूरी मिलते ही लाभार्थी को 12 महीने के अंदर निर्माण कार्य पूरा कराना अनिवार्य है, लेकिन कई लाभार्थी बेवजह बहानेबाजी कर निर्माण में देरी करते रहते है। कभी निर्माण सामग्री के महंगा होने तो कभी राजमिस्री व मजूदर उपलब्ध नहीं होने का रोना रोया जाता है , जबकि सरकारी धन का कई बार अन्य कार्यों में चोरी छिपे उपयोग कर दिया जाता है।
इससे घर निर्माण में अनावश्यक देरी और पैसे का दुरुपयोग होता है, लेकिन अब सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि अगर, पात्र लाभार्थियों ने समय सीमा के अंदर घर निर्माण नहीं कराया तो उन्हें किस्तों के आधार पर जो भी धन प्राप्त हुआ है उसे वापस सरकार को लौटाना पड़ेगा।
कई लोग पहली किस्त लेने के बाद काम शुरू नहीं करते या थोड़ा कार्य किया और लंबे समय तक निर्माण रोक दिया, लेकिन अब यह सब नहीं चलेगा। उधर, जिले के सभी विकासखंडों में स्थापित टीम निर्माण कार्यों को सख्ती से निगरानी करेगी।
नोटिस जारी कर लाभार्थियों से होगी वसूली
अगर, कोई पात्र लाभार्थी पहली किस्त लेने के बाद काम शुरू नहीं करता या लंबे समय तक निर्माण रोक देता है, तो उसे सरकारी धन वापस लौटाना पड़ सकता है। इस तरह के मामलों में लाभार्थी को नोटिज जारी कर धन की वसूली की जाएगी। वहीं, सरकारी राशि उपयोग घर बनाने की बजाये किसी अन्य काम में होता है, तो लाभार्थी के खिलाफ कानून कार्रवाही और एफआईआर दर्ज तक हो सकती है।










