Uttarakhand News 6 April 2026: हल्द्वानी। कृषि विभाग की ओर से वर्तमान में किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम चल रहा है। इसके तहत जिले में सात हजार किसानों का पंजीकरण कराया गया है। जबकि जिले में करीब 53 हजार किसान है। विभाग का कहना है कि शेष 46 हजार किसानों ने यदि पंजीकरण नहीं कराया तो उन्हें पीएम किसान निधि जैसी कृषि विभाग की अन्य किसी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
किसानों को अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य हो गया है। एग्री स्टैक (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फार एग्रीकल्चर) के तहत कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है।
नैनीताल जिले में करीब 53 हजार किसानों का पटवारी व राज्सव परिषद ने भूमि का अंश निर्धारण कर रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी है। ऐसे में इन्हीं किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कृषि विभाग को करानी है, लेकिन अभी करीब 46 हजार किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसानों को अपने फोन नंबर को आधार से जोड़ने में दिक्कत आ रही है।
हालांकि इसके लिए ग्राम स्तर पर कैंप लगाकर किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा रही है। इसके साथ ही कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) में भी किसान फार्मर रजिस्ट्री का पंजीकरण करा सकते हैं। इस दौरान कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो किसान रजिस्ट्री नहीं कराएंगे, उन्हें भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि, खाद-बीज सब्सिडी, किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।
फार्मर रजिस्ट्री के बाद किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। सभी किसानों से अपील है कि जल्द फार्मर रजिस्ट्री करा लें। ऐसा न होने पर भविष्य में विभागीय योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।










