Uttarakhand News 18 April 2026: हाई कोर्ट ने हत्या के प्रयास के एक मामले में जिला जज रुद्रप्रयाग की कोर्ट से दोषी ठहराए गए हरी लाल की सजा को रद कर दिया है।

न्यायाधीश न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने माना कि घटना किसी पूर्व नियोजन या साजिश का परिणाम नहीं थी, बल्कि मोबाइल फोन पर संगीत बजाने को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद अचानक पैदा हुए गुस्से में की गई थी।

अभियोजन के अनुसार जून 2020 में रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ में संगीत बजाने को लेकर हुए झगड़े के दौरान हरी लाल ने परमेश्वर नामक व्यक्ति के पेट पर चाकू से वार कर दिया था।

रुद्रप्रयाग जिला कोर्ट ने अभियुक्त हरी लाल को गंभीर चोट पहुंचाने के तहत दोषी ठहराते हुए आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

हाई कोर्ट ने साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन करते हुए पाया कि अभियुक्त का इरादा हत्या करना नहीं था, क्योंकि उसने केवल एक ही वार किया और उसके बाद वह वहां से भाग गया।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि धारा 307 के तहत सजा के लिए हत्या का इरादा या ज्ञान होना अनिवार्य है।

इस मामले में, घटना की अचानक प्रकृति और ‘सिंगल ब्लो’ (एक ही वार) को देखते हुए हत्या के प्रयास का आरोप न्यायसंगत नहीं पाया गया।

हथियार की बरामदगी को लेकर गवाहों के मुकरने और प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी ने भी अभियोजन पक्ष के दावे को कमजोर किया।

कोर्ट ने दी गई सजा को रद कर दिया, जबकि धारा 326 के तहत दोषसिद्धि को बरकरार रखा।

अदालत ने अपीलकर्ता की सजा को उसके द्वारा जेल में पहले ही काटी जा चुकी अवधि में संशोधित कर दिया और आदेश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल रिहा किया जाए। जुर्माने की राशि को न्यायालय ने अपरिवर्तित रखा है।