Uttarakhand News 07 May 2026: यह सिर्फ एक छात्र की मौत की खबर नहीं बल्कि उस टूटते हुए परिवार की कहानी है, जिसकी उम्मीदें एक पल में राख हो गईं। घटन से पिता का बुढ़ापे का सहारा छिनने के साथ मां का आंचल भी सूना हो गया है। होनहार छात्र की मौत से पूरे इलाके में मातम है।
कालाढूंगी में एक साधारण परिवार का होनहार बेटा जगदीश बिष्ट अब इस दुनिया में नहीं रहा। बताया जा रहा है कि महज 3 हजार रुपये के कर्ज ने उसे इतना मानसिक रूप से तोड़ दिया कि उसने जिंदगी से हार मान ली। जगदीश के हाथों में कल तक किताबें और आंखों में बड़े सपने थे। पर अचानक ऐसा क्या हुआ जिसकी भनक परिवार को जरा भी नहीं लगी। सरपंच पिता धन सिंह ने बड़े अरमानों के साथ पिछले वर्ष बेटे का दाखिला कोटाबाग स्थित पॉलिटेक्निक में कराया था। उनकी ख्वाहिश थी कि बेटा पढ़-लिखकर परिवार का नाम रोशन करे और उनका सहारा बने। उनके परिवार में दो और बच्चे हैं। छोटा बेटा नवोदय विद्यालय में पढ़ रहा है और बेटी कोटाबाग में शिक्षा ग्रहण कर रही है। पर बड़े बेटे की असमय मौत से परिवार के पूरे सपने बिखर गए हैं।
जगदीश का मोबाइल छीना और अपने साथ ले गए
पॉलिटेक्निक के छात्र जगदीश बिष्ट के शव को लेकर कोतवाली पहुंचे परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। मृतक के पिता सरपंच धन सिंह बिष्ट ने कहा कि कालाढूंगी, कोटाबाग में जगह-जगह जुआ, सट्टा, ऑनलाइन गेम चल रहे हैं लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि मौत से पहले बेटे जगदीश ने एक युवक पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का दबाव बनाया। इसकी रिकॉर्डिंग उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनके घर जाकर उनके छोटे बेटे से जगदीश का मोबाइल छीना और अपने साथ ले गए। धन सिंह ने कहा कि आज उनके साथ ये घटना घटी है। कल किसी और के साथ घटेगी। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन को युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर इस मामले में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।










