Uttarakhand News 19 May 2026: प्रदेश में 17 दिन के भीतर बिजली की मांग फिर एक करोड़ यूनिट बढ़ गई है। जैसा मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हीटवेव का पूर्वानुमान जारी किया है, उस हिसाब से बिजली की मांग छह करोड़ यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। ऐसे में यूपीसीएल के लिए आपूर्ति की चुनौती बढ़ना लाजिमी है।
अप्रैल में बढ़ोतरी के बाद मई की शुरुआत में मौसम की मेहरबानी के चलते प्रदेश में बिजली की मांग चार करोड़ यूनिट तक गिर गई थी। पिछले तीन दिनों की गर्मी में यह मांग एक करोड़ यूनिट से भी अधिक बढ़ गई। प्रदेशभर में अब तक 5.2 करोड़ यूनिट पर बिजली की मांग पहुंच चुकी है। रोजाना करीब 30 लाख यूनिट की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। माना जा रहा है कि हीटवेव के पूर्वानुमान के हिसाब से मई माह में ही बिजली की मांग छह करोड़ यूनिट का आंकड़ा छू सकती है।
मांग के सापेक्ष 70 फीसदी बिजली ही उपलब्ध
यूपीसीएल को बीते दिनों केंद्रीय पूल से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिली थी। इसके बावजूद वर्तमान हालात देखें तो मांग के सापेक्ष करीब 70 फीसदी बिजली ही उपलब्ध है। बाकी 30 प्रतिशत बिजली बाजार से खरीदने की मजबूरी है। पांच करोड़ यूनिट के सापेक्ष यूपीसीएल को राज्य पूल से 1.3 और केंद्रीय पूल से करीब दो करोड़ यूनिट मिलाकर कुल 3.3 करोड़ यूनिट बिजली ही मिल रही है। बाकी करीब डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली बाजार से खरीदनी पड़ रही है।
फिलहाल कहीं कटौती नहीं
यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, अभी मांग के सापेक्ष बिजली की आपूर्ति पूरी की जा रही है। कहीं भी कटौती शुरू नहीं हुई है। हालांकि ये बात अलग है कि कई जगह सोमवार को ट्रिपिंग की समस्या से लोग परेशान रहे। यूपीसीएल प्रबंधन का दावा है कि कहीं भी घोषित कटौती नहीं है।
एसी के साथ इंडक्शन का भी लोड
इस बार यूपीसीएल के सामने एसी के साथ ही इंडक्शन के लोड की भी चुनौती है। देश में गैस संकट होने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने इंडक्शन खरीदे हैं। इस कारण यूपीसीएल को अनुमान लगाने में चुनौती सामने आ रही है।










