Uttarakhand News 19 May 2026: उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण में जहां आम लोग जानकारी नहीं दे रहे तो वहीं कई विभाग भी प्रगणकों को दिनभर अपने काम में उलझा रहे हैं। कई ने तो प्रगणकों का आकस्मिक अवकाश (सीएल) लगा दी। नाराज जनगणना निदेशालय ने सोमवार को सभी को पत्र लिख साफ कर दिया है कि जो लोग जानकारी नहीं देंगे उनके खिलाफ अब प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
प्रदेश में 25 अप्रैल से घर-घर भवन गणना शुरू हुई थी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने खुद सभी जिलाधिकारियों संग बैठक कर प्राथमिकता पर इस अभियान को पूरा कराने के निर्देश दिए। अब केवल छह दिन बाकी हैं। 67 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। प्रगणक परेशान हैं।
घरों में लोग प्रवेश नहीं दे रहे, न ही 33 सवालों का जवाब दे रहे हैं। इस पर जनगणना निदेशालय ने सख्त रुख अपना लिया है। निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने पत्र लिखकर जनगणना अधिनियम के तहत उन सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जो सवालों के जवाब नहीं दे रहे।
कई विभागों का रुख भी बेहद नकारात्मक नजर आ रहा है। विभागों के अधिकारी शाम तक उन कर्मचारियों को नहीं छोड़ रहे, जिनकी ड्यूटी जनगणना में लगी है। इस कारण कर्मचारी या तो जनगणना का काम शाम व रात को कर रहे हैं या फिर नहीं कर रहे हैं। कई विभागों ने तो जनगणना में जाने वाले कर्मचारी की सीएल ही लगा दी। इस पर भी जनगणना निदेशालय ने सख्त रुख अपनाते हुए पत्र भेजा है।
खूंखार कुत्ते के हमले मामले में कार्रवाई के निर्देश
निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने सोमवार को नगर निगम देहरादून की प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर नमामि बंसल से बात की। राजधानी में महिला प्रगणक पर घर का दरवाजा खोलने पर खूंखार कुत्ते के हमले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रगणकों की सुरक्षा उनके लिए प्राथमिक है।
पूर्व सैनिक घर में ही नहीं घुसने दे रहे
जनगणना के दौरान पूर्व सैनिकों के रवैये से भी प्रगणक परेशान हैं। बताया जा रहा है कि ज्यादातर पूर्व सैनिक इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं। जनगणना टीम को अपने घर में प्रवेश ही नहीं दे रहे। इस कारण जनगणना का काम प्रभावित हो रहा है। निदेशक जनगणना ने सभी से अपील की है कि वे देशहित में इस अभियान में अपना सहयोग करें।










