Uttarakhand News 4 July 2026: कुमाऊं के पर्वतीय अंचल का पहला जिला नैनीताल पर्यटन के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की दृष्टि से भी अहम है। पहाड़ी इलाकों से हुए पलायन के बाद यहां के तराई-भाबर क्षेत्र में तेजी से बसासत हुई है।
विस्तार होने के साथ ही सुविधाओं और संसाधनों को लेकर भी अपेक्षाएं बढ़ी हैं। समय के साथ कई नई संकल्पनाओं का बीजारोपण भी हल्द्वानी सहित पूरे जनपद में हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान विविध क्षेत्रों में नवनिर्माण का रोपित बीच अंकुरित हो रहा है, जिसमें राष्ट्रीय खेलों के दौरान देवभूमि को खेल भूमि के रूप में नई पहचान दिलाने का सपना देखा गया था। जो गौलापार में स्थापित राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय के रूप में साकार भी हो चुका है। इस वर्ष से तीन पाठ्यक्रमों संग संचालन विधिवत प्रारंभ भी हो जाएगा।
भविष्य बनाने का नया मार्ग
खेल विवि बनने से राज्य के विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को क्रीड़ा क्षेत्र में अकादमिक रूप से भविष्य बनाने का नया मार्ग मिलेगा। वहीं, हल्द्वानी सहित आसपास क्षेत्र का विस्तार होने से पेयजल संकट काफी बढ़ी समस्या बन गया है।
हालांकि, वर्ष 1975 में इस समस्या का अनुमान लगाते हुए जमरानी बांध बनाने का खाका तैयार किया गया था, लेकिन प्रक्रियाओं को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अब पिछले वर्ष इस बहुप्रतीक्षित योजना की नींव पड़ी है। जो 30 वर्ष से अधिक तक हल्द्वानी के साथ ही उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए भी लाभकारी होगी। साथ ही पुरानी पेयजल लाइनें भी बहुत बड़ी समस्या थी।
इससे निजात दिलाने को नई पाइप लाइनें और आधुनिक फिल्टर प्लांट निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है। जिसका शिलान्यास फरवरी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया था। इससे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बेहतर होने के साथ ही पानी बर्बादी भी रुकेगी।
हल्द्वानी से हेली सेवाओं का हुआ विस्तार
राज्य में पर्यटन गतिविधियों के साथ ही स्थानीय लोगों के सुगम आवागमन के लिए हेली सेवाओं के विस्तार जोर दिया गया है। हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में हेली पैड का निर्माण हुआ है, जहां से देहरादून और पिथौरागढ़ के साथ ही नौकुचियाताल, बागेश्वर सहित अन्य क्षेत्रों के लिए नियमित सेवाओं का संचालन होता है।
बेटियों के लिए छात्रावास, परीक्षा भवनों पर जोर
एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी की स्थापना के 66 वर्ष बाद पहली बार छात्रावास का निर्माण किया गया है। यह हास्टल दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के रहने के लिए बनवाया है। इसी के साथ ही महिला महाविद्यालय में नई बिल्डिंग भी बनवाई जा रही है, जिससे नए पाठ्यक्रमों के संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा।
वहीं, यूओयू में 14 विद्याखाशाओं के लिए भवन और विशाल परीक्षा भवन भी बनाया गया है। कुमाऊं विश्वविद्यालय पीएम-ऊषा योजना में 45 करोड़ रुपये से बीएड और विधि संकाय भवन का निर्माण आदि करवा रहा है। साथ ही अन्य कालेजों में भी परीक्षा भवन बनवाए जा रहे हैं।
पार्किंग निर्माण से दूर होगी समस्या
पर्यटन गतिविधियों से जुड़ा क्षेत्र होने की वजह से नैनीताल जिले में पार्किंग को लेकर काफी समस्या होती है। ऐसे में सरकार नैनीताल के मैट्रोपाेल और तल्लीताल, भवाली, रामनगर में पार्किंग का निर्माण करवा रही है। साथ ही कैंची धाम क्षेत्र में पार्किंग बनवाई जा रही है। जिससे पर्यटकों को भी सुविधा होगी और वाहन सड़क पर खड़े होने से लगने वाले जाम की समस्या भी खत्म होगी।
नैनीताल जिले में योजनाएं भी हुईं पूरी
2.33 करोड़ रुपये से जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी कार्यालय, जिला औषधि भंडार बनाया गया
1.02 करोड़ रुपये से कालाढूंगी में पशु चिकित्सालय भवन का निर्माण कराया गया
1.16 करोड़ रुपये से पशु चिकित्सालय हल्द्वानी में आपरेशन कक्ष और पार्किंग का निर्माण
15 करोड़ रुपये राजकीय पालिटेक्निक रामनगर में मुख्य भवन का निर्माण करवाया गया
19 कराेड़ रुपये की लागत से 50 बेड क्षमता के क्रिटिकल केयर ब्लाक का निर्माण हुआ
90 लाख रुपये से भवाली में पर्यटक आवास गृह की मरम्मत और उच्चीकरण किया गया
नैनीताल जिले में यह कार्य हैं जारी
3.59 करोड़ रुपये की लागत से नैनीताल में डीएसए मैदान का विस्तारीकरण और सुंदरीकरण हो रहा है
9.84 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय पालिटेक्निक कोटाबाग में भवन का निर्माण कार्य
1.09 करोड़ रुपये से राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय धानाचूली में भवन बनाया जा रहा है
1.80 करोड़ रुपये से भीमाताल में पार्किंग स्थल विकसित करने का काम किया रहा है
9.63 करोड़ रुपये से बेतालघाट ब्लाक के दूनीखाल से रातीघाट तक सड़क और प्री-स्ट्रेस पुल का निर्माण
8.19 करोड़ रुपये से नैनीताल क्षेत्र में पंगोट-देचाैरी मार्ग को दोबारा से बनवाया जा रहा है










