Uttarakhand News 8 July 2026: जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक काफी चर्चा में रही। सांसद अजय भट्ट की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डीएम, सीडीओ समेत सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन ईएसआई अस्पताल के एमएस मौजूद नहीं थे।

संबंधित विभाग के विषय पर चर्चा हुई तो सांसद ने उस पर जवाब मांगा, लेकिन एमएस मौजूद नहीं होने से जवाब नहीं मिला। सांसद ने उन्हें बैठक में बुलाने के लिए कहा। दो बार फोन किया गया, लेकिन फिर भी वह नहीं आए। यह देख सांसद का पारा चढ़ गया। सांसद के कहने पर तत्काल तहसीलदार आैर पुलिस चौकी प्रभारी एमएस के कार्यालय पहुंचे तो वह वहां मौजूद थे। जिन्हें बैठक में लाया गया।

जिला कलक्ट्रेट स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। इस बैठक में केंद्र व राज्य के सहयोग से संचालित विकास योजनओं की समीक्षा होती है और उनके क्रियान्वयन का खाका तैयार होता है।

सांसद इस बैठक की अध्यक्षता करते हैं, जिसमें संबंधित जिले के जनप्रतिनिधि व सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं। इसी क्रम में सांसद अजय भट्ट विभिन्न योजनाओं अथवा समस्याओं को लेकर विभागवार समीक्षा कर रहे थे। इसी बीच मामला ईएसआई अस्पताल का आ गया।

बैठक में ही नहीं आए एमएस प्रवीण कुमार
बताया गया कि कुछ कर्मचारी बिना नोटिस निकाल दिए गए हैं, कुछ का वेतन नहीं मिला है। इस पर सांसद भट्ट ने ईएसआई अस्पताल के एमएस प्रवीण कुमार से विभागीय मामलों पर जवाब मांगा। लेकिन कोई खड़ा ही नहीं हुआ। डीएम ने भी पूछा, पता चला कि एमएस प्रवीण कुमार बैठक में ही नहीं आए हैं।

सांसद के पूछने पर डीएम ने बताया कि सूचना सभी के पास उपलब्ध करा दी गई है। सांसद के कहने पर दो बार फोन करके उन्हें बैठक में पहुंचने के लिए भी बोला गया। बावजूद एमएस प्रवीण कुमार बैठक में नहीं पहुंचे।

एमएस की इस हठधर्मिता पर सांसद अजय भट्ट का पारा चढ़ गया। उन्होंने डीएम से एमएस को बैठक में हर हाल में बुलाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मौके पर देखा जाए कि वे हैं कहां और किस स्थिति में हैं।

डीएम ने तत्काल तहसीलदार और चौकी प्रभारी को ईएसआई अस्पताल के एमएस प्रवीण कुमार के पास जाने आैर उन्हें लाने के निर्देश दिए। तहसीलदार और चौकी प्रभारी उन्हें उनके कार्यालय से उठाकर बैठक में ले आए।

बैठक में पहुंचने पर सांसद भट्ट ने बुलाने के बाद भी न आने का कारण पूछा तो जवाब मिला कि काम अधिक था। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विकास के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण इस बैठक में एमएस का यह रवैया बेहद अनुशासनहीनता वाला और अक्षम्य है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

बरेली हो चुका है स्थानांतरण, फिर नहीं गए
ईएसआई के एमएस प्रवीण कुमार का तबादला तीन महीने पूर्व बरेली के लिए हो चुका है। बावजूद उन्होंने यहां का कार्यभार नहीं छोड़ा है। यह मामला भी जब सांसद अजय भट्ट के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने हैरानी जताई और कहा कि इस पर वे उच्चस्तर पर बात करेंगे।

दिशा की बैठक महत्वपूर्ण होती है, जिसमें केंद्र व राज्य की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा होती है। इसमें जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का रहना जरूरी होता है। ऐसे में बार-बार बुलाने के बाद भी एमएस प्रवीण कुमार जब नहीं आए तो यह चिंता भी हुई कि कहीं कोई बात तो नहीं है। इस लिहाज से तहसीलदार को बुलाने के लिए भेजा गया। मगर सब ठीक होने पर भी अगर कोई बैठक को नजरअंदाज कर रहा है तो कार्रवाई होना पक्का है।