Uttarakhand News 9 July 2026: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उससे बच्चों को होने वाले नुकसान के गंभीर मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए राज्य के मुख्य सचिव और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण समेत कई विभागों से जबाव दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। यह मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा ”सिटी हाउंडेड बाय स्ट्रेज, किड्स पे प्राइस” शीर्षक के तहत 19 मई 2026 को दिए गए निर्देशों से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि राज्य के मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के सचिव, भारत सरकार और एन एच आई आगामी 7 अगस्त 2026 या उससे पहले अपने-अपने अनुपालन हलफनामे अदालत में अनिवार्य रूप से पेश करें।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिउ 10 अगस्त 2026 की तिथि नियत की है। उस दिन कार्यालय रिपोर्ट के माध्यम से यह समीक्षा की जाएगी कि सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों ने तय समय सीमा के भीतर अपने अनुपालन हलफनामे दाखिल किए हैं या नहीं। इस आदेश के बाद अब राज्य प्रशासन को आवारा जानवरों व कुत्तों से आम जनता, खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का पूरा ब्यौरा अदालत के सामने रखना होगा।










