Uttarakhand News 30 July 2026: दादी के साथ शिवलालपुर अमरझंडा स्थित एक धाम में आए छह वर्षीय बच्चे की तंत्र-मंत्र के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दादी की सूचना पर बालक के कई परिजन तीन-चार गाड़ियों से धाम पर पहुंच गए। उन्होंने धाम संचालक व उनके सेवादारों की जमकर पिटाई की। इसके बाद संचालक व एक सहयोगी को गाड़ी में डालकर ले गए और चंदौसी ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया। संभल पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया। इस मामले में पुलिस को अभी तहरीर नहीं मिली है।

जनपद मुरादाबाद के हरथला निवासी सत्यवीर सिंह ने सात साल पूर्व ग्राम शिवलालपुर अमरझंडा में धाम की स्थापना की है। यहां प्रत्येक मंगलवार को दरबार लगता है। धाम में तंत्र-मंत्र, ऊपरी हवा, गांठ, पथरी से लेकर कैंसर तक के इलाज का दावा किया जाता है। इस धाम में 27 जुलाई को थाना कुंड़ा फतेहगढ़, चंदौसी जिला संभल के गांव बेरनी निवासी गंगाशरण की पत्नी वीरवती अपने छह वर्षीय पोते अर्पित यादव को लेकर पहुंची थीं।

बच्चे को दौरे पड़ने की शिकायत थी। मंगलवार को दरबार में तंत्र विद्या के दौरान मासूम अर्पित की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वीरवती ने मामले की सूचना बालक के पिता सुगर सिंह को दी। सूचना मिलते ही सुगर सिंह, उसका भाई उमेश, अवधेश और विद्याराम समेत करीब 15-16 लोग गाड़ियां लेकर धाम पहुंच गए। इन लोगों ने धाम के महंत सत्यवीर, सेवादार प्रशांत व रोहित के साथ मारपीट की और उन्हें गाड़ियों में डालकर अपने साथ ले गए।

रास्ते में रोहित गाड़ी के कूदकर भाग गया। चंदौसी प्राथमिक केंद्र में डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। सीओ चंदौसी विवेक जावला ने बताया कि बुधवार को बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। आईटीआई कोतवाल मोहन चंद्र पांडे ने बताया कि इस मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

तंत्र-मंत्र के फेर में हो चुकी हैं बेटियों की हत्याएं व दुष्कर्म
अंधविश्वास लोगों का विवेक खो देता है। काशीपुर में इसी अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के चक्कर में एक पिता अपनी दो बेटियों की पीट-पीटकर हत्या कर चुका है, वहीं जसपुर में तांत्रिक ने जिन्न से निजात दिलाने का झांसा देकर एक महिला की अस्मत लूट ली थी।

एक मामला 25 नवंबर 2023 में काशीपुर की खालिक कॉलोनी में हुआ। कॉलोनी के तीन नंबर टावर के पास अली हसन के घर से दो लड़कियों के शव बरामद हुए थे। मृतकों की शिनाख्त फरहीन (19) और यासमीन (11) के रूप में हुई थी। पुलिस पड़ताल में दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ। खुद पिता अली हसन उर्फ सूरज ने ही अपनी दोनों बेटियों को एक कमरे में बंद कर कई दिनों तक भूखा-प्यासा रखा था।

वह जिन्नात भगाने के नाम पर दोनों बेटियो को डंडे से पीटता था। लगातार प्रताड़ना से दोनों की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। शवों पर जगह-जगह चोटों के निशान थे। आरोपी पर अंधविश्वास इस कदर हावी था कि उसने पुलिस पूछताछ में भी अपना गुनाह कबूल नहीं किया। वह बार-बार दोहराता रहा कि उसकी दोनों बेटियों पर जिन्नात का साया है। उसका इरादा बेटियों को मारने का नहीं था। उसकी दोनों बेटियों को जिन्न ने ही मारा है।