Uttarakhand News 12 Aug 2026: रुड़की। वर्षा के मौसम में नदियों के उफान में आने के साथ ही अब हरिद्वार जिले में मगरमच्छों की चहलकदमी ने ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत बढ़ा दी है। पिछले एक माह में कई बार हुई भारी वर्षा के कारण रुड़की में सोलानी नदी समेत क्षेत्र की कई नदियां उफान पर आईं।

नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के बीच मगरमच्छ भी अपने प्राकृतिक ठिकानों से निकलकर आबादी के नजदीक पहुंच रहे हैं। धनौरी, कलियर पुरानी गंगनहर, नई गंगनहर, सोलानी नदी से सटे रुड़की क्षेत्र, कान्हापुर और शेरपुर समेत कई स्थानों पर मगरमच्छ देखे जाने की चर्चा से ग्रामीणों में भय का माहौल है।

गंगनहर में दिखाई दिया मगरमच्छ

रुड़की और कलियर के बीच गंगनहर में दो दिन पहले मगरमच्छ दिखाई देने के बाद लोगों में भय और बढ़ गया है। गंगनहर के आसपास बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और कई स्थानों पर ग्रामीण तथा अन्य लोग नहर के किनारे पहुंचते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना के बाद लोगों ने आसपास जाने से बचना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर है कि नदी और गंगनहर से सटे इलाकों में लोगों की लगातार आवाजाही रहती है।

ग्रामीण पशुओं को पानी पिलाने, खेतों में जाने और अन्य घरेलू काम के लिए नदी किनारे पहुंचते हैं। ऐसे में पानी से बाहर निकलकर किनारे अथवा आबादी के आसपास पहुंच रहे मगरमच्छ किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। कलियर निवासी महमूद, अकरम, सुलेमान, धनैारी निवासी सुखपाल, तेजपाल आदि का कहना है कि बारिश के दौरान नदियों और नहरों का बहाव बढ़ने से जलीय जीवों के स्थान बदलने की संभावना रहती है।

मगरमच्छ तेज बहाव के साथ बहकर ऐसे स्थानों तक पहुंच सकते हैं, जहां पहले उनकी मौजूदगी कम दिखाई देती थी। यही वजह है कि नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को विशेष सतर्कता की जरूरत है। जबकि इसके बावजूद वन विभाग इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। रुड़की और आसपास के क्षेत्र से होकर जाने वाली सोलानी नदी के आसपास बसे गांवों में भी मगरमच्छों की चहलकदमी को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। धनौरी, कलियर और सोलानी से सटे क्षेत्रों के अलावा कान्हापुर और शेरपुर के आसपास भी मगरमच्छ दिखाई देने की बातें सामने आ रही हैं।

नदी के आसपास खेत होने के कारण ग्रामीणों और किसानों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। बारिश के दिनों में खेतों और नदी किनारे झाड़ियों में पानी भरने के कारण मगरमच्छों को छिपने के लिए नए स्थान मिल जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि झाड़ियों या जलभराव वाले हिस्से में कोई मगरमच्छ मौजूद है या नहीं। ग्रामीणों ने आबादी के पास दिखाई देने वाले मगरमच्छ को पकड़ने की मांग वन विभाग से की है।
वन विभाग की निगरानी पर उठ रहे सवाल

रुड़की: मगरमच्छ दिखाई देने की सूचनाओं के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से मौके पर प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़ी घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।

नदी और गंगनहर किनारे बसे गांवों में गश्त बढ़ाने, मगरमच्छों की मौजूदगी वाले स्थानों को चिह्नित करने और ग्रामीणों को जागरूक करने की जरूरत है। इसके साथ ही यदि आबादी के नजदीक मगरमच्छ दिखाई देता है तो उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़े जाने की व्यवस्था भी जरूरी है। वन विभाग की तरफ से कार्रवाई नहीं होने पर लोग मगरमच्छ के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर रहे है। जिससे की वन विभाग इसकी सुध ले सके।

इन जगहों पर बना है खतरा

कलियर और आसपास का क्षेत्र
सोलानी नदी से सटे गांव
कान्हापुर
शेरपुर
रुड़की-कलियर के बीच गंगनहर किनारा
पाडली झील के निकट

जिन जगहों पर मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना मिलती है। वन विभाग की टीम वहां जाकर निगरानी करने के साथ ही मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास करती है। जब तक वह गंगनहर के अंदर या पानी के अंदर रहेगा। उसे पकड़ना मुश्किल भरा है। ऐसे में लोग आबादी में चहलकदमी होने पर तुंरत इसकी शिकायत करे। जिसके चलते वन विभाग समय रहते ठोस कदम उठा सके।