Uttarakhand New 31 Aug 2026: उत्तराखंड के हिमाच्छादित और दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना कार्य के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक सितंबर से चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के 131 हिमाच्छादित गांवों के साथ बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री नगर पंचायत क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी। इसके लिए 139 प्रगणक और 43 पर्यवेक्षकों समेत कुल 182 कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया है।

जनगणना निदेशालय के अनुसार, विशेष अभियान के तहत चमोली के 23, पिथौरागढ़ के चार, रुद्रप्रयाग के 69 और उत्तरकाशी के 35 हिमाच्छादित गांवों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में स्थानीय निकायों के स्तर पर बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री नगर पंचायत भी शामिल हैं।

दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित अवधि को देखते हुए जनगणना कार्य को समन्वित तरीके से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।

सीमित अवधि और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विशेष तैयारी
जनगणना कार्य के लिए चमोली में 28 प्रगणक व 10 पर्यवेक्षक, पिथौरागढ़ में 18 प्रगणक व चार पर्यवेक्षक, रुद्रप्रयाग में छह प्रगणक व छह पर्यवेक्षक तथा उत्तरकाशी में 87 प्रगणक व 23 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की अवधारणा एवं प्रक्रियाओं, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण, निर्धारित गणना क्षेत्रों की पहचान और सूचना की शुद्धता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई।

338 नागरिकों ने कराया स्व-गणना पंजीकरण
जनगणना प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी भी सामने आ रही है। 31 अगस्त तक 338 नागरिकों ने स्व-गणना के माध्यम से अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज की है। इनमें उत्तरकाशी के 277, पिथौरागढ़ के 24, चमोली के 29 और रुद्रप्रयाग के आठ नागरिक शामिल हैं।

टोल फ्री हेल्पलाइन 1855 पर संपर्क किया जा सकता
जनगणना निदेशालय ने नागरिकों से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आवश्यक सहयोग देने की अपील की है। जनगणना संबंधी जानकारी अथवा सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1855 पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही नागरिकों को आगाह किया गया है कि जनगणना के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा ओटीपी नहीं मांगा जाएगा। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी अथवा संवेदनशील वित्तीय जानकारी साझा न करने की सलाह भी दी गई है।