Uttarakhand New 5 Sep 2026: रेखा बंसल की हत्या ने जिस राज से पर्दा उठाया है, वह चौंकाने वाला है। पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने वाला कोई अनजान बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार को करीब 15 वर्षों से जानने वाला कर्मचारी विनीत कुमार निकला। लंबे समय से परिवार के संपर्क में रहने के कारण आरोपी को घर के रास्तों और वहां की परिस्थितियों की जानकारी थी। इसी के आधार पर पीछे के दरवाजे से घर में दाखिल हुआ। उसे पता था कि वह दरवाजा खुला रहता है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी विनीत कुमार ने वारदात की पूरी कहानी बताई। उसके मुताबिक, दिनेश बंसल के पास उसकी कुछ समय से मजदूरी की रकम बकाया थी। वह कई बार अपनी मेहनत की कमाई मांग चुका था, लेकिन भुगतान नहीं होने से उसके मन में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। इसी विवाद के बीच उसने रेखा बंसल के घर पहुंचने का फैसला किया।
घटना वाले दिन विनीत पहले दिनेश बंसल की डिस्पेंसरी रोड स्थित बुक शॉप पर पहुंचा। वहां से उसने उनकी स्कूटी ली और सीधे बंसल परिवार के घर की ओर निकल गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को पहले से मालूम था कि घर के पीछे की ओर बना दरवाजा अक्सर खुला रहता है। यही जानकारी उसके लिए वारदात में दाखिल होने का आसान रास्ता बन गई।
विनीत ने स्कूटी घर के गेट के बाहर खड़ी की और मुख्य दरवाजे से जाने के बजाय पीछे के रास्ते का इस्तेमाल किया। वह इसी खुले दरवाजे से घर के अंदर दाखिल हुआ। उस वक्त रेखा बंसल घर में अकेली थीं। घर की स्थिति और अपनी पुरानी पहचान की जानकारी के चलते आरोपी को यह रास्ता सुरक्षित लगा।
एक तरफ परिवार करीब 15 साल से जिस व्यक्ति को जानता था, वही भरोसे का रिश्ता तोड़कर हत्या के आरोप में सामने आया। दूसरी तरफ, पुलिस के मुताबिक, वारदात के पीछे मजदूरी की बकाया रकम को लेकर उपजा विवाद अहम वजह के रूप में सामने आया है। पुलिस अब आरोपी के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
पुलिस के मुताबिक विनीत ने रेखा बंसल से अपनी बकाया मजदूरी के पैसे मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में विनीत ने हाथ में पहने कड़े से रेखा बंसल के चेहरे पर वार कर दिया। गाल और नाक पर चोट लगने के बाद वह बिस्तर पर गिर गईं और चिल्लाने लगीं। आरोपी घबरा गया। पकड़े जाने के डर से उसने अपने हाथ से रेखा बंसल का मुंह और नाक दबा दिया और कुछ समय तक दबाए रखा।
जब उसे लगा कि उनकी मौत हो चुकी है तो उसने उनके बाएं हाथ में पहना सोने का कंगन निकाल लिया। इसके बाद आरोपी घर से निकलकर त्रिलोकेश गेस्ट हाउस पहुंचा। पुलिस से बचने के लिए उसने घटना के दौरान पहने कपड़े बदल दिए। पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से उसका पता चला और उसे रिंग रोड स्थित त्रिलोक गेस्ट हाउस के पास से गिरफ्तार कर लिया गया










