Uttarakhand News 16 Sep 2026: आगामी कुंभ और विधानसभा की सुरक्षा के लिए इंटेलीजेंस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीजीपी दीपम सेठ की अध्यक्षता में हुई इंटेलीजेंस के अधिकारियों की बैठक में राज्य में सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श कर दिशा निर्देश दिए गए। विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा को भी सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अलावा धार्मिक और सरकारी आयोजनों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सोशल मीडिया पर निगरानी करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।

बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे जिलों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ और राष्ट्र विरोधी तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाने पर विचार किया गया। इसके लिए आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी और राज्य पुलिस व एटीएस के अधिकारियों की उच्च स्तरीय इंटर एजेंसी को-ऑर्डिनेशन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या और वर्तमान में गतिमान चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए। आगामी कुंभ मेला और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध व सकुशल संचालन के लिए ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश
इसके साथ ही विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री व अन्य वीआईपी की सुरक्षा के संबंध में ठोस तैयारियां करने के निर्देश दिए गए। चुनावों में मुख्यमंत्री के भ्रमण बढ़ जाएंगे। चुनावी सभाओं के लिए अन्य बड़े नेता और मंत्रियों के कार्यक्रम भी होते हैं। ऐसे में सभी कार्यक्रमों के मद्देनजर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।

सभी महत्वपूर्ण आयोजनों व व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से कराने के लिए आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरणों और संसाधनों का प्रबंधन समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा आगामी राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा, दीपावली आदि महत्वपूर्ण पर्वों के दृष्टिगत व्याप्त संवेदनशीलता पर सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।

फैक्ट चेक व्यवस्था लागू होगी
बैठक में डीजीपी ने कहा कि मौजूदा वक्त में सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें बेहद संवेदनशील मुद्दा है। खासकर कुंभ और चुनाव जैसे आयोजनों में यह और भी संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में इंटेलीजेंस इन खबरों और पोस्ट आदि पर लगातार नजर बनाए रखे। इसके बाद एक फैक्ट चेक व्यवस्था लागू की जाए। ताकि, लोगों को समय रहते सच्चाई का पता चले और स्थितियों को काबू में रखा जाए।