Uttarakhand News 17 Sep 2026: देहरादून। राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के साथ ही प्रदेश सरकार ने उनके खेल करियर को जारी रखने का रास्ता भी साफ किया है।
खिलाड़ियों को नियुक्ति मिलने के बाद शुरुआती पांच वर्ष तक खेल विभाग में ही सेवाएं देनी होंगी। इस अवधि में वे सरकारी नौकरी के साथ खेलों की तैयारी और प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे। पांच वर्ष पूरे होने के बाद उन्हें संबंधित मूल विभाग में भेजा जाएगा।
छह विभागों में सरकारी नौकरी
प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को छह विभागों में सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है। इसके तहत पात्र खिलाड़ियों को उनकी योग्यता और निर्धारित मानकों के अनुसार विभिन्न विभागों में नियुक्ति दी जाएगी। इसके लिए हाल ही में इन विभागों में 243 पदों के सृजन को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है।
सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को रोजगार की सुरक्षा देने के साथ ही उन्हें खेल गतिविधियों से जोड़े रखना है, ताकि नौकरी मिलने के बाद उनकी खेल प्रतिभा और प्रदर्शन प्रभावित न हो। दरअसल, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले कई खिलाड़ी नौकरी मिलने के बाद नियमित विभागीय जिम्मेदारियों में व्यस्त हो जाते हैं।
इससे उनकी खेलों के लिए तैयारी और अभ्यास का समय प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए शुरुआती पांच वर्ष खेल विभाग में सेवाएं देने की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। खेल विभाग में रहने के दौरान खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
पांच वर्ष की अवधि पूरी होने पर खिलाड़ी अपने आवंटित मूल विभाग में सेवाएं देंगे। इस तरह सरकार ने खेल उपलब्धि और रोजगार के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ऐसे खिलाड़ी जो खेल और युवा कल्याण विभाग से अलग अन्य विभागों में सेवाएं देंगे, वे पांच वर्ष तक खेल और युवा कल्याण विभाग से जुड़े रहेंगे। इसके बाद वे अपने मूल विभागों में जाएंगे।










