Uttarakhand News 17 Sep 2026: उत्तराखंड में बेसिक शिक्षक बनने की तैयारी कर रही अन्य राज्यों से दो वर्षीय डीएलएड करने वाली विवाहित महिला अभ्यर्थियों को शिक्षा विभाग ने राहत भरी खबर दी है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश अथवा किसी अन्य राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान से डीएलएड करने वाली महिला, जिसका विवाह उत्तराखंड में हुआ है, प्रदेश में बेसिक शिक्षक पद के लिए पात्र मानी जाएगी। हालांकि, ऐसी अभ्यर्थियों को उत्तराखंड में लागू आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
नहीं मिलेगा उत्तराखंड में लागू आरक्षण का लाभ
शिक्षा विभाग के अनुसार, मूल राज्य में आरक्षित वर्ग की होने के बावजूद उत्तराखंड में विवाह के बाद नौकरी के लिए आवेदन करने वाली इन महिलाओं को सामान्य श्रेणी का अभ्यर्थी माना जाएगा। इसके लिए डीएलएड प्रमाण पत्र संबंधित राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान का होना आवश्यक है।
यह मामला वर्ष 2024 में बेसिक शिक्षकों के 2906 पदों पर निकली भर्ती के बाद सामने आया था। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात बाहरी राज्यों से डीएलएड करने वाली और उत्तराखंड में विवाह करने वाली करीब 95 महिला समेत 152 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कर दी गई थी। जिनमें कुछ ऐसे मामले भी थे कि विवाहिता ने बेसिक शिक्षक बनने के लिए पूर्व से मिल रहे आरक्षण का दावा किया था। जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विभागीय स्तर पर यह तर्क दिया गया कि अभ्यर्थियों के मूल निवास प्रमाण पत्र बाहरी राज्यों के हैं और विवाह के बाद नौकरी पाने के उद्देश्य से उन्होंने उत्तराखंड में निवास प्रमाण पत्र बनवाया है। वहीं, महिला अभ्यर्थियों का कहना था कि उनका विवाह उत्तराखंड में हुआ है और विवाह से पूर्व ही उन्होंने मान्यता प्राप्त संस्थानों से डीएलएड किया था, इसलिए उन्हें नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक केएस रावत ने कहा कि नियमों में स्पष्ट प्रविधान है कि अन्य राज्यों से मान्यता प्राप्त संस्थान से डीएलएड करने के बाद उत्तराखंड में विवाह करने वाली महिला अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी में बेसिक शिक्षक पद के लिए दावेदारी कर सकती है।










