Uttarakhand News 29 Sep 2026: सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराकर महीनों तक बैठे रहने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं। 36 से 180 दिन तक लंबित शिकायतों ने जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए तो जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सीधे जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
उन्होंने ऐसी सभी शिकायतों की दो दिन में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही, शिकायत को फोर्स क्लोज करने से पहले संबंधित विभाग को प्रमाण पत्र देकर बताना होगा कि शिकायत पर वास्तव में क्या कार्रवाई हुई और शिकायतकर्ता की समस्या किस तरह दूर की गई।
कलेक्ट्रेट में सीएम हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने विभागवार लंबित मामलों की पड़ताल की। लंबे समय से अटकी शिकायतों पर उन्होंने नाराजगी जताई व अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर शिकायत बंद कर देने को निस्तारण नहीं माना जाएगा।
कार्रवाई का असर शिकायतकर्ता की समस्या के समाधान में दिखना चाहिए। जनहित से जुड़े मामलों में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
फोर्स क्लोज की आड़ में नहीं छिपेगी लापरवाही
लंबित शिकायतों के साथ फोर्स क्लोज किए जा रहे प्रकरण भी प्रशासन के रडार पर हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस कार्रवाई व उचित आधार के किसी शिकायत को बंद नहीं किया जाएगा। संबंधित विभाग को प्रमाण पत्र में कार्रवाई की वास्तविक स्थिति दर्ज करनी होगी। 36 से 180 दिन पुराने मामलों की अधिकारी स्वयं समीक्षा करेंगे और उसकी रिपोर्ट प्रशासन को देंगे।
डेढ़ साल पुरानी घोषणाओं पर भी अब हिसाब
सीएम हेल्पलाइन के बाद समीक्षा का दूसरा बड़ा निशाना मुख्यमंत्री घोषणाएं रहीं। वर्ष 2025 से लंबित घोषणाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
लंबित घोषणाओं के लिए अब स्पष्ट कार्ययोजना और समयसीमा तय करनी होगी। जहां एक से अधिक विभागों की भूमिका है, वहां आपसी समन्वय से अड़चन दूर करने को कहा गया है। डीएम ने साफ किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी और निर्धारित समयसीमा में काम आगे नहीं बढ़ा तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।









