Uttarakhand News 30 Sep 2026: हल्द्वानी एमबीपीजी कालेज के लाल बहादुर शास्त्री भवन में धीरज ने एनसयूआई प्रत्याशी मेहुल साह से कुछ कहा और फिर गड़बड़ी का आरोप लगाकर मतपत्र फाड़ दिए। इसे लेकर काफी गहमागहमी बनी रही। कालेज के लाल बहादुर शास्त्री भवन में छात्रसंघ चुनाव की मतगणना चल रही थी। रात करीब 9:30 बजे अध्यक्ष पद की टेबल में एकाएक विवाद हो गया। आरोप है कि गिनती में बैठे एबीवीपी प्रत्याशी धीरज बिष्ट ने मतपत्र फाड़ दिए। इसकी भनक लगते ही भारी पुलिस फोर्स दौड़े-दौड़े मतगणना कक्ष में पहुंचा। पुलिस ने बिना देरी किए धीरज को फटकारा और उसे अपनी निगरानी में बैठा लिया। काफी देर तक धीरज टेबल से अलग बैठा रहा।

एबीवीपी प्रत्याशी ने हर पेटी में प्रतिद्वंद्वी और अन्य पदों के उम्मीदवारों को बराबर मत मिलने पर सवाल खड़ा किया था। मतगणना स्थल पर हंगामा होने पर प्रशासन सख्त हो गया और एबीवीपी प्रत्याशी के समर्थकों को कक्ष से बाहर कर दिया। इसके बाद मतगणना स्थल के दोनों गेट बंद कर दिए गए।

मतपत्र फाड़ने के मामले में कालेज प्रशासन की शिकायत मिलने नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मनोज कत्याल, एसपी सिटी

250 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात, फिर भी हाईवे पर हंगामा, पुलिसिंग फेल, सड़क पर घंटों अराजकता
हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की मतगणना के दौरान विवाद ने मंगलवार रात सड़क तक ऐसा रूप ले लिया कि 250 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद नैनीताल रोड पर कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था दोनों बेपटरी नजर आईं। मतगणना स्थल के भीतर मतपत्र फाड़े जाने के आरोप से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में कॉलेज गेट के बाहर प्रदर्शन, नारेबाजी, पुलिस से कहासुनी और लाठीचार्ज तक पहुंच गया। सबसे बड़ा सवाल यह रहा कि इतनी बड़ी पुलिस तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारी नेशनल हाईवे तक कैसे पहुंच गए और सड़क को जाम करने की स्थिति बनने से पहले उन्हें क्यों नहीं रोका गया।

अध्यक्ष पद के निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल के लगातार बढ़त बनाए रखने के बीच मतगणना स्थल पर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब आरोप है कि एबीवीपी प्रत्याशी धीरज बिष्ट ने आर्यन बेलवाल के मतपत्र फाड़कर हंगामा खड़ा कर दिया। घटना की सूचना जैसे ही कॉलेज के बाहर मौजूद समर्थकों तक पहुंची, वहां माहौल गरमा गया। एबीवीपी कार्यकर्ता और समर्थक कॉलेज गेट पर जुट गए। कुछ लोग सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी।

देखते ही देखते प्रदर्शन ने यातायात व्यवस्था को भी अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में जवान मौजूद थे, लेकिन शुरुआती दौर में सड़क खाली कराने या प्रदर्शनकारियों को हाईवे पर आने से रोकने को लेकर पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आई। विवाद बढ़ने और पुलिस से कहासुनी के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को नैनीताल रोड से खदेड़ा। जिस व्यक्ति पर लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई है, उसे मेयर गजराज का प्रतिनिधि बताया जा रहा है। वहीं दर्जा राज्यमंत्री शंकर कोरंगा भी मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों से बात की। इस दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।

नियम कानून जेब में, सड़क पर उल्लंघन
अध्यक्ष पद पर परिणाम जारी होने से पहले ही नैनीताल रोड पर निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल के समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया था। पुलिस की मौजूदगी के बीच एमबीपीजी कॉलेज के सामने आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी कर लोग उनकी छतों पर खड़े होकर नाचने लगे। इससे पहले करीब एक दर्जन बाइकों और स्कूटी पर लाठी-डंडे और रॉड लेकर ट्रिपलिंग करते हुए लोग निकले। इस दौरान भी पुलिस खामोश रही।

चुनाव निष्पक्ष कराईयेगा, कहीं मतपेटियां न बदल दें
छात्रसंघ चुनाव के दौरान मंगलवार की दोपहर बाद कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट का नैनीताल रोड पर आमना-सामना हो गया। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया।

इस बीच विधायक सुमित ने मजाक ही मजाक में तंज कसते हुए कह दिया कि जिलाध्यक्ष जी, सरकार आपकी है निष्पक्ष चुनाव हों, मतपेटियां न बदल दीजियेगा। यह सुन प्रताप बिष्ट बोले सबका सम्मान होना चाहिए। जवाब में सुमित ने कहा बिष्ट जी पार्टी के सम्मानित जिलाध्यक्ष हैं, बड़े भाई हैं। हंसी-मजाक के दौर में भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर इशारा करते हुए विधायक बोले सुमित का फेसबुक लाइव देकर यहां पहुंच गए हैं। छोटे भाई को पूरा मौका देते हैं तब बड़ा भाई आता है। विधायक का कहना था कि चुनाव अपनी जगह है लेकिन माहौल सौहार्दपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार ऐसा होता है जब चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक ही टिफिन से खाते हैं, इसलिए चुनाव है इसे चुनाव की दृष्टि से ही देखिये। दोनों के बीच वार्तालाप का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।