Uttarakhand News 26 Oct 2026: देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने अगले साल होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में अब तैयारियों को धार देने के लिए प्रत्येक बूथ पर त्रिदेव सम्मेलनों का आयोजन करेगी। इन सम्मेलनों के जरिये बूथ अध्यक्ष, बूथ पालक व तीसरे प्रमुख बूथ पदाधिकारी को चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
पार्टी का जोर बूथ स्तर पर ऐसी टीम तैयार करने पर है, जो संगठन के कार्यक्रमों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को मतदाताओं तक पहुंचाने के साथ ही जनता के बीच निरंतर संवाद बनाए रखे। भाजपा की चुनावी रणनीति में बूथ को सबसे महत्वपूर्ण इकाई माना जाता है।
इसी आधार पर पार्टी अब प्रत्येक बूथ की संगठनात्मक स्थिति का आकलन करने, पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और कमजोर कड़ियों को दुरुस्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
त्रिदेव सम्मेलनों में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका, मतदाता सूची की समीक्षा, नए मतदाताओं से संपर्क और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार जैसे विषयों को प्राथमिकता दिए जाने की तैयारी है।
साथ ही पार्टी के सांगठनिक कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं के प्रति कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। सम्मेलनों का उद्देश्य केवल चुनावी सक्रियता बढ़ाना नहीं, बल्कि बूथ पर संगठन का नियमित संपर्क तंत्र मजबूत करना है।
भाजपा चाहती है कि प्रत्येक बूथ पर जिम्मेदार पदाधिकारियों की टीम तैयार रहे व मतदाताओं के साथ निरंतर संवाद बना रहे। इसके लिए बूथवार संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा कर कार्यकर्ताओं को उनके दायित्वों के अनुरूप सक्रिय करने की रणनीति अपनाई जाएगी।
उत्तराखंड में भाजपा पहले भी बूथ केंद्रित रणनीति के जरिए चुनावी तैयारियों को धार देती रही है। वर्ष 2019 में पार्टी ने त्रिशक्ति सम्मेलनों के माध्यम से बूथ पदाधिकारियों को एकजुट कर चुनावी अभियान में उनकी भूमिका को मजबूत किया था।
अब त्रिदेव सम्मेलन की प्रस्तावित कवायद को इसी रणनीति को नए सिरे से सक्रिय करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी चाहती है कि चुनावी अभियान से पहले बूथ स्तर पर जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण हो जाए और संगठन पूरी ताकत से मैदान में उतरने के लिए तैयार रहे।
‘त्रिदेव सम्मेलन के माध्यम से यह प्रयास किया जाएगा कि प्रत्येक बूथ पर मजबूत टीम तैयार हो, कार्यकर्ता जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहें। संगठन की विचारधारा व सरकार के कार्य प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचें।’










