Uttarakhand News 31 Oct 2026: साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों से निकालने के लिए आरोपितों ने नया तरीका अपनाया। उन्होंने पेट्रोल पंप की पीओएस (प्वाइंट आफ सेल) मशीन को ही रुपये निकालने का जरिया बना लिया।
साइबर ठगी से प्राप्त रकम एटीएम कार्ड स्वैप कर पेट्रोल पंप के खाते में पहुंचाई जाती थी। इसके बाद पेट्रोल पंप कर्मचारी दो प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी रकम नकद आरोपितों को सौंप देता था।
पुलिस की जांच में इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। मामले में पेट्रोल पंप कर्मचारी, एटीएम कार्ड जुटाने वाले व्यक्ति और बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले खाताधारक पर प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
पीओएस मशीन से स्वैप किए गए रुपये
गृह मंत्रालय की नोडल एजेंसी से प्राप्त साइबर क्राड अलर्ट के बाद साइबर सेल ने संदिग्ध बैंक खाते की जांच शुरू की। श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश में दर्ज साइबर शिकायत में ठगी की रकम केनरा बैंक के एक खाते में पहुंचने और वहां से निकाले जाने की जानकारी मिली।
जांच में यह खाता अमन कुमार पुत्र अनिल कुमार निवासी कोटा नारायणपुर, तहसील रुद्रपुर, जिला ऊधम सिंह नगर के नाम पर मिला।
बैंक स्टेटमेंट की जांच में 24 अक्टूबर 2026 को नौ अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से रकम पेट्रोल पंप की पीओएस मशीन से स्वैप किए गए। एटीएम कार्ड के जरिये क्रेडिट होने का पता चला।
इन ट्रांजेक्शन की कुल धनराशि 40,010 रुपये थी। संबंधित पेट्रोल पंप की जांच में पता चला कि मशीन का इस्तेमाल वहां काम करने वाला सेल्समैन हरीश कुमार पुत्र कृष्ण पाल निवासी पहाड़गंज, वार्ड नंबर चार, रम्पुरा, थाना रुद्रपुर कर रहा था।
पूछताछ में हरीश ने बताया कि वह एटीएम कार्ड स्वैप कर पेट्रोल पंप के खाते में रकम जमा करवाता था और इसके बदले हैरी नाम के व्यक्ति को नकद रुपये देता था। इसके एवज में उसे दो प्रतिशत कमीशन मिलता था। हरीश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अर्जुनपुर निवासी होशियार सिंह उर्फ हैरी पुत्र कुलदीप सिंह को तलाश कर हिरासत में लिया। उसके कमरे से छह अलग-अलग एटीएम कार्ड बरामद हुए।
पूछताछ में होशियार सिंह ने बताया कि वह क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद एटीएम कार्ड अपने पास रख लेता था। इन कार्डों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि निकालने में किया जाता था।
उसने सात अक्टूबर को अपने साथी के साथ शिमला पिस्तौर स्थित सत्संग के पास भारत पेट्रोलियम पंप पर भी एटीएम कार्ड स्वैप कर 32 हजार रुपये नकद लेने की बात स्वीकार की। पुलिस की जांच में इस घटना से संबंधित साइबर शिकायत गुजरात में दर्ज होने की जानकारी मिली।
वहीं, बैंक खाते के धारक अमन कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने नाम से खाता खुलवाने के बाद एटीएम कार्ड और पासबुक दूसरे व्यक्ति को दो हजार रुपये में बेच दिए थे। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांच करने पर इस खाते से संबंधित तीन ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज मिलीं।
इनमें श्रावस्ती के एक व्यक्ति से 23 हजार रुपये, हरियाणा की अमनीत कौर से 94,500 रुपये और कर्नाटक के धर्मेंद्र कुमार से 4,995 रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत शामिल है। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
किसकी क्या भूमिका
अमन कुमार निवासी कोटा नारायणपुर, तहसील रुद्रपुर ने अपने नाम से बैंक खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड और पासबुक दो हजार रुपये में दूसरे व्यक्ति को बेच दिए।
हरीश कुमार निवासी पहाड़गंज, रम्पुरा पेट्रोल पंप पर सेल्समैन था। वह पीओएस मशीन से एटीएम कार्ड स्वैप कर ठगी की रकम पेट्रोल पंप के खाते में जमा करवाता और दो प्रतिशत कमीशन लेकर नकदी उपलब्ध कराता था।
होशियार सिंह उर्फ हैरी निवासी अर्जुनपुर, रुद्रपुर जरूरतमंद लोगों को रुपये का लालच देकर बैंक खाते खुलवाता और उनके एटीएम कार्ड हासिल कर साइबर ठगी की रकम निकालने में इस्तेमाल करता था।
सात अक्टूबर को भी निकाले थे 32 हजार रुपये
पुलिस पूछताछ में होशियार सिंह उर्फ हैरी ने सात अक्टूबर 2026 की शाम अपने साथी के साथ शिमला पिस्तौर स्थित सत्संग के पास भारत पेट्रोलियम पंप पर एटीएम कार्ड स्वैप कर 32 हजार रुपये नकद लेने की बात बताई।
पुलिस ने पेट्रोल पंप से संबंधित जानकारी जुटाकर समन्वय पोर्टल पर जांच की तो इस घटना से जुड़ी साइबर शिकायत गुजरात में दर्ज मिली।










