Uttarakhand News 30 August 2025: थराली आपदा के ठीक एक हफ्ते बाद बृहस्पतिवार रात को देवाल के मोपाटा गांव में हुई भारी बारिश कहर बनकर बरसी। इस दौरान हुए भूस्खलन में एक दो मंजिला मकान पूरी तरह से ढह गया जिसके मलबे में दबकर पति-पत्नी की मौत हो गई। वहीं पास ही स्थित एक अन्य मकान और गोशाला को भी नुकसान पहुंचा जिसमें रह रहे पति-पत्नी घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार रात को क्षेत्र में भारी बारिश हो रही थी। करीब 12:30 बजे मोपाटा गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर पहाड़ी से हुए भूस्खलन ने तारा सिंह (62) और उनकी पत्नी कमला देवी (55) के मकान को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया।
पास के ही एक अन्य मकान में रह रहे विक्रम सिंह (45) और उनकी पत्नी दुर्गा देवी (40) भी घायल हो गए। विक्रम ने तुरंत ग्राम प्रधान रूप सिंह कुंवर को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायल विक्रम और दुर्गा को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
रात के अंधेरे और खराब मौसम के कारण ग्रामीण मलबे के पास नहीं जा सके। सुबह होने पर बचाव दल मौके पर पहुंचा और घंटों की मशक्कत के बाद मलबे से तारा सिंह और कमला देवी के शव निकाले गए। उनके घर के दो पालतू कुत्तों के शव भी मलबे में मिले। प्रधान रूप सिंह कुंवर ने बताया कि भूस्खलन लगभग 150 मीटर ऊपर से हुआ था और अपने साथ 10-12 विशाल पेड़ भी बहा लाया जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ।
65 मवेशियों की भी मौत
मृतक तारा सिंह के बेटे नंदन सिंह ने बताया कि उनकी गोशाला भी भूस्खलन की चपेट में आ गई। इस हादसे में 60 बकरियां, एक गाय, दो भैंस और एक बैल की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घर में रखे 70,000 रुपये नकद, गहने, कपड़े और अन्य घरेलू सामान भी मलबे में दब गए।
राहत और सहायता
घायल विक्रम सिंह और दुर्गा देवी को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में ही प्राथमिक उपचार दिया। बाद में तहसील प्रशासन और डीडीआरएफ (डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) उन्हें देवाल ले आए। एसडीएम पंकज भट्ट ने बताया कि यदि जरूरत पड़ी तो घायलों को हेलीकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा जाएगा। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम भी गांव में ही करने के लिए टीम भेजी जा रही है।
ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी रास्ता
ग्राम प्रधान रूप सिंह ने बताया कि भूस्खलन के कारण घटनास्थल तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। ग्रामीणों ने लकड़ी की बल्लियां और तख्ते लगाकर एक अस्थायी रास्ता तैयार किया, जिसकी मदद से घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस बचाव कार्य में तहसीलदार अक्षय पंकज, बीडीओ जयदीप बैरवाण, प्रमुख तेजपाल रावत, सीएम कोऑर्डिनेटर दलबीर दानू, दयाल सिंह, माइकल और पशुपालन विभाग की टीम ने भी सहयोग किया।