Uttarakhand News 07 November 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को हल्द्वानी के आर्मी हेलीपैड पर पहुंचे। उनके आगमन पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक बंशीधर भगत, जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह, मंडी परिषद अध्यक्ष डॉ अनिल कपूर (डब्बू), दर्जा राज्य मंत्री शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल मंजूनाथ टीसी समेत अन्य कार्यकर्ता एवं अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय सैनिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री धामी के हल्द्वानी आगमन पर स्थानीय नागरिकों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित पूर्व सैनिकों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और राज्य निर्माण व राष्ट्र सेवा में उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर परिवार गर्व से कह सकता है कि उसके घर से कोई न कोई भारत माता की सेवा में समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वास्तव में वीरभूमि है, जहां की माटी में ही राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना रची-बसी है।
मुख्यमंत्री धामी ने की सैनिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि हर सैनिक परिवार तक योजनाओं का लाभ सहज रूप से पहुंच सके। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों एवं आवासीय भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सैनिकों की नारियों को आवासीय भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शहीद सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हल्द्वानी में सैनिकों के 150 बच्चों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जिससे सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा- सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह सदैव सैनिक रहता है
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सैनिकों का जीवन अनुशासन, समर्पण और बलिदान की मिसाल है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी पूर्व सैनिक नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में राष्ट्र विरोधी सोच का कोई स्थान नहीं है और आज भारत में सभी जरूरी उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं तथा भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। ऑपरेशन सिंधु मेघ में स्वदेशी ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता का भी उन्होंने जिक्र किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा वीर नारियों का सम्मान पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण।










