Uttarakhand News 08 Jan 2026: राज्य में ट्रैकिंग के लिए एसओपी बनाई जा रही है। एसओपी टूर ऑपरेटर और ट्रैकिंग पर जाने वाले दल दोनों लिए होंगी। भविष्य में इसके आधार पर ही दल ट्रैकिंग के लिए जा सकेंगे। राज्य में ट्रैकिंग को बढ़ावा देने के साथ ही नियमों को भी सख्त करने की कवायद चल रही है। शासन के निर्देश पर पर्यटन और वन विभाग ट्रैकिंग के लिए एसओपी बनाने में जुटे हैं। इसमें टूर ऑपरेटर और ट्रैकिंग पर जाने वाले व्यक्तियों के लिए नियम और जिम्मेदारी तय होगी।

टूर ऑपरेटर का पंजीकरण अनिवार्य
ट्रैकिंग कराने वाले टूर ऑपरेटर को पहले पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए भी मानक तय होंगे। इसमें टूर ऑपरेटर के पास उपकरण, संसाधन, अनुभव, प्रशिक्षण का ब्यौरा आदि देखें जाएंगे। टूर ऑपरेटर के पास जो गाइड होगा, उसके लिए भी प्रशिक्षण, अनुभव आदि महत्वपूर्ण होगा। टूर ऑपरेटर का एक निश्चित समय के बाद पंजीकरण नवीनीकरण की भी व्यवस्था होगी।

ट्रैकिंग करने वालों की उम्र भी होगी तय
ट्रैकिंग के लिए जाने वाले व्यक्तियों के लिए उम्र भी तय की जाएगी। इसमें ऊंचाई के हिसाब से अलग-अलग उम्र रखने पर मंथन हो रहा है। इसके अलावा जो व्यक्ति ट्रैकिंग पर जाएगा, उसका स्वास्थ्य और उसके लेकर हलफनामे की शर्त हो सकती है। इंश्योरेंस भी कराना होगा।

आनलाइन अनुमति मिल सकेगी, विभागों को जाएगी सूचना
ट्रैकिंग से जुड़ी पर्यटन और वन विभाग की अनुमति ऑनलाइन मिल जाए, इसके लिए भी कवायद हो रही है। इको टूरिज्म विभाग जाे एकीकृत वेबसाइट विकसित कर रहा है, उसके माध्यम से यह सुविधा देने की योजना है। ट्रैकिंग का परमिट जारी होते ही संबंधित जगह के जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस और वन विभाग को सूचना रियल टाइम पर जा सकेगी। जिससे कौन सा दल कब जा रहा है? कहां जा रहा है उसकी सूचना विभागों के पास रहे।

हितधारकों से बातचीत कर सुझाव लेने का निर्देश
हाल में इको टूरिज्म को लेकर शासन स्तर पर बैठक हुई थी। इसमें एसओपी पर भी चर्चा हुई। उच्चाधिकारियों ने एसओपी में टूर ऑपरेटर सभी हित धारकों से बातचीत करने और सुझाव लेने को कहा है, जिससे उसे और अधिक व्यवहारिक बनाया जा सके। मुख्य वन संरक्षक (इको टूरिज्म) प्रसन्न पात्रो ने बताया कि एसओपी को तैयार किया रहा है। इसे अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।