Uttarakhand News 13 Feb 2026: हल्द्वानी। कुमाऊं की सबसे बड़ी मंडी सूरज छिपते ही ”नशे की मंडी” बन जाती है। पुलिस गश्त नहीं होने पर यहां शाम से लेकर रात तक आराजकतत्व व नशेड़ियों का अड्डा बना रहता है। जिससे महिला सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। जबकि मंडी गेट पर ही चौकी मौजूद है।
पुलिस कर्मियों की ओर से इन सुनसान वाले इलाकों में गश्त नहीं होने के चलते बुधवार की देर रात जघन्य हत्याकांड हो गया। सुबह के समय 11 बजे के बाद गल्ला मंडी का कार्य शुरू हो जाता है। यहां बने आनाज गोदामों से राशन निकाला जाता है, यह प्रक्रिया शाम छह बजे तक चलती है। जिसके बाद गल्ला मंडी बंद हो जाती है। इसके बाद नशेड़ी व आराजकतत्व यहां घूमते नजर आते हैं।
मंडी परिसर के अंदर इस तरह की हत्याएं होने से मंडी समिति व पुलिस पर सवाल उठना लाजमी है। रात के समय मंडी के अंदर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। इसके चलते यहां अपराध बढ़ रहे हैं।मंडी क्षेत्र में घूमने वालों का सत्यापन होना जरूरी है। – केशव दत, आढ़ती
मंडी में नसेड़ी प्रवृत्ति के लोगों की आवाजाही काफी रहती है। आलू फल आढ़तियों ने इस संदर्भ में पूर्व में भी पुलिस को सूचित किया गया है। इस पर पुलिस प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए। यह प्रशासन की लापरवाही व नाकामी है। – नंदाबल्लभ ब्रजवासी, व्यापारी, आलू फल एसोसिएशन
मंडी नशा व नशेड़ियों का अड्डा बन गया है, इस तरह के अपराध अन्य कारोबारी के साथ भी हो सकते हैं। निर्मम हत्या अत्यंत हृदयविदारक है। कुमाऊं के प्रवेश द्वार में इस तरह की घटना से हल्द्वानी दहल गया है। – दुर्गा दत्त तिवारी, आढ़ती
रात के समय में मंडी परिसर नशा व नशेड़ी प्रवृति की आसामाजिक गतिविधियां में लिप्त हो जाता है। इसपर कई बार पुलिस प्रशासन को अवगत कराया गया है। लेकिन फिर भी मंडी के सुनसान इलाकों में पुलिस गस्त नहीं होती है।










