Uttarakhand News 19 Mar 2026: पिथौरागढ़। कोरोना महामारी के बाद से बंद भारतचीन स्थलीय व्यापार इस वर्ष फिर शुरू होगा। 2019 में आखिरी बार सीमांत के व्यापारी तिब्बत की मंडी तकलाकोट गए थे। उसके बाद 2020 से व्यापार की अनुमति नहीं मिली। अब चीन से वार्ता के बाद केंद्र सरकार ने पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे से व्यापार के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह व्यापार एक जून से शुरू होने की उम्मीद है।

भारत और चीन की सीमा को विभाजित करने वाले लिपुलेख दर्रे से इस व्यापार का नाता पुराना है। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद इस पर रोक लगी थी, लेकिन 1991 में इस दर्रे से व्यापार की फिर अनुमति मिली। कोरोनाकाल के चलते व्यापार के साथ-साथ लिपुलेख से होने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा भी बंद हो गई थी।

2025 से कैलास मानसरोवर यात्रा का संचालन पुन: शुरू हुआ, मगर भारत-चीन व्यापार को लेकर दोनों देशों में बात नहीं बन पाई। अब इस वर्ष व्यापार को फिर शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्र के निर्देशों के बाद बुधवार को डीएम आशीष भटगांई ने व्यापार से जुड़े कस्टम, आइटीबीपी, पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य आदि विभागों की बैठक ली और तैयारियां शुरू करने को कहा है। डीएम ने कहा कि भारतीय व्यापारियों की सूची जल्द केंद्र को भेजी जाएगी।

2019 में इतना व्यापार हुआ
2019 में 265 व्यापारियों को परमिट जारी किए गए थे। तब 3.15 करोड़ का व्यापार हुआ था। भारतीय व्यापारियों ने 1.9 करोड़ का सामान आयात किया था। जबकि निर्यात सामग्री 1.25 करोड़ रुपये की रही। इस वर्ष व्यापारियों की संख्या 300 तक रहने की संभावना है।

इन वस्तुओं का कारोबार
भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली के अनुसार भारतीय व्यापारी गुड़, मिश्री, सुर्ती, कास्मेटिक सामग्री, बर्तन आदि लेकर चीन की मंडी तकलाकोट जाते हैं। वहां से कंबल, जैकेट, शाल, याक के बाल, जूते आदि लेकर लौटते हैं।

भारतीय व्यापारिक मंडी गुंजी में है, जहां भारतीय स्टटे बैंक की शाखा के साथ ही कस्टम कार्यालय भी खोला जाता है। व्यापारियों को गुंजी में मुद्रा को बदलने की सुविधा मिलती है। रौंकली का कहना है कि व्यापार शुरू होने से काफी राहत मिलेगी।

केंद्र सरकार से मिले दिशानिर्देशों के क्रम में भारत-चीन व्यापार के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। व्यापार के एक जून से शुरू होने की उम्मीद है। इससे पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।