Uttarakhand News 8 July 2026: ऑनलाइन लोन के लिए एक एप पर आवेदन करना आईटीबीपी के एक जवान के लिए भारी पड़ गया। लोन तो मंजूर नहीं हुआ, लेकिन उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग कर नाम पर फर्जी फर्म खड़ी कर दी गई।

हैरत की बात यह रही कि करीब एक साल बाद जवान को जीएसटी विभाग से 64 करोड़ रुपये की रिकवरी का नोटिस उनके घर भेज दिया। जवान की पत्नी ने साइबर सेल में संपर्क किया तो एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक नीरज भाकुनी को जांच सौंपी। जांच में पता चला कि जवान के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्म खड़ी कर दी।

मोबाइल लोन एप के जरिए किया था आवेदन
पिथौरागढ़ निवासी एक आईटीबीपी जवान जो अरूणांचल प्रदेश में तैनात है। उसने एक वर्ष पहले एक मोबाइल लोन एप के जरिए ऋण के लिए आवेदन किया था। आवेदन प्रक्रिया के दौरान उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड और बिजली बिल समेत अन्य दस्तावेज एप पर अपलोड किए थे। बाद में लोन स्वीकृत नहीं हुआ और जवान इस पूरे मामले को भूल गया।

एक साल बाद उसके पास जीएसटी विभाग का नोटिस पहुंचा, जिसमें करोड़ों रुपये के कारोबार और कर देनदारी का उल्लेख था। नोटिस देखकर जवान के होश उड़ गए। उसने तत्काल मामले की शिकायत पुलिस से की। एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे के निर्देश पर साइबर सेल प्रभारी नीरज भाकुनी ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जवान के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके नाम से एक फर्म का जीएसटी पंजीकरण कराया गया था।

जीएसटी विभाग की जांच में भी यह पुष्टि हुई कि संबंधित फर्म जवान के नाम पर संचालित दिखाई जा रही थी। जांच के दौरान और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिकॉर्ड में फर्म का 100 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक का टर्नओवर दर्शाया गया था। इसके अलावा फर्म के नाम पर बड़े पैमाने पर शेयरों की खरीद-फरोख्त और अन्य वित्तीय लेनदेन भी दिखाए गए थे। इन्हीं गतिविधियों के आधार पर जीएसटी विभाग ने जवान को 64 करोड़ रुपये का रिकवरी नोटिस जारी कर दिया।

साइबर जांच में पूरा मामला फर्जी पाया गया। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि लोन एप पर अपलोड किए गए दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर यह फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया। अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि फर्जी फर्म बनाने और करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाने के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

साइबर सेल की अपील
पिथौरागढ़। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन लोन एप और अनजान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दस्तावेज अपलोड करते समय सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि आधार, पैन और बैंकिंग दस्तावेजों का गलत हाथों में जाना बड़े वित्तीय अपराधों का कारण बन सकता है।