Uttarakhand News 30 Jan 2026 काशीपुर (ऊधमसिंह नगर): सरकार की ओर से लगातार चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में कुष्ठ रोग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। बीते कुछ वर्षों में मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। वर्तमान में 16 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है, जिन्हें राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत निशुल्क दवा उपलब्ध कराई जा रही है।

एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय की ओर से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्ष 2019 में केवल तीन कुष्ठ रोगी पंजीकृत थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 16 हो गई है। वहीं अप्रैल से जनवरी के बीच आठ मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं।

अस्पताल से मरीजों को निशुल्क दवाएं देकर इलाज तुरंत शुरू किया जाता है। कुष्ठ रोग से ग्रस्त मरीज को आमतौर पर छह माह से एक वर्ष तक नियमित उपचार कराना पड़ता है। चिकित्सकों के अनुसार रोग पर नियंत्रण के लिए मल्टी-ड्रग थेरेपी (एमडीटी) सबसे प्रभावी उपाय है, जिसमें एंटीबायोटिक दवाओं का संयोजन दिया जाता है। साथ ही रोग का समय पर पता लगाकर इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है।

कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण
कुष्ठ रोग में त्वचा पर धब्बे दिखाई देते हैं, जो उभरे हुए किनारों वाले और आसपास की त्वचा से अलग होते हैं। ये धब्बे फीके, पीले, लाल, मोटे, कठोर या सुन्न हो सकते हैं। इसके अलावा लाल या बैंगनी गांठें, पैरों के तलवों में दर्द रहित अल्सर, नसों का मोटा होना, कमजोरी, पलकों का झड़ना, दृष्टि हानि और अन्य नेत्र संबंधी समस्याएं भी इसके लक्षण हो सकते हैं। यह रोग धीरे-धीरे विकसित होता है।

रोग के कारण और फैलाव
कुष्ठ रोग का कारण माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक बैक्टीरिया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैल सकती है, हालांकि इसके फैलाव को लेकर अभी भी शोध जारी है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि काशीपुर में कुष्ठ रोगियों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि मामले की समीक्षा कर स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि समय रहते रोग की पहचान कर इलाज शुरू किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि त्वचा पर किसी भी प्रकार के असामान्य धब्बे या सुन्नता महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं, क्योंकि समय पर उपचार से कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।