Uttarakhand News 13 Oct 2026: साइबर ठगों ने प्रेमनगर निवासी आईटीसी कंपनी से सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक और उनकी पत्नी को 50 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 45.87 लाख रुपये ठग लिए। आरोपितों ने खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) और महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर दंपती को आतंकी हमले में संलिप्तता और गिरफ्तारी का डर दिखाया। मामले में प्रेमनगर थाने में अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।

पीड़ित अजयपाल के अनुसार, 16 अगस्त को उनके मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को मुंबई स्थित एटीएस मुख्यालय और महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। एक आरोपित ने अपना नाम सब इंस्पेक्टर रंजीत कुमार बताया।

बेटी के घर पहुंचने पर चला ठगी का पता
ठगों ने दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आतंकी हमले में हुआ है। इसके बाद दंपती से बच्चों की जानकारी और उनकी लोकेशन पूछी गई। उनका एक बेटा विदेश में रहता है। उसकी जान को खतरा बताकर भी दंपती को भयभीत किया गया।

आरोपितों ने जांच के नाम पर दंपती को अपनी जमा पूंजी उनके बताए खातों में जमा कराने को कहा। रकम जांच पूरी होने के बाद लौटाने का झांसा दिया गया।

16 अगस्त से तीन अक्टूबर तक ठग फोन और वाट्सएप वीडियो कॉल के जरिये दंपती पर नजर रखते रहे। इस दौरान उनसे 45.87 लाख रुपये ठग लिए गए। बेटी के घर पहुंचने पर दंपती को ठगी का पता चला, जिसके बाद पुलिस से शिकायत की गई।