Uttarakhand News 17 Dec 2025: रेलवे भूमि में अतिक्रमण और फर्जी तरीके से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आने के बाद बनभूलपुरा एक बार फिर बिजली चोरी को लेकर चर्चा में आ गया है। ऊर्जा निगम के आंकड़ों के अनुसार आजाद नगर फीडर से 87 प्रतिशत और गांधी नगर फीडर से 70 प्रतिशत लाइन लास व बिजली चोरी हो रही है।

मंगलवार को यह हैरान करने वाली रिपोर्ट ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को दी। इसके बाद कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

ऊर्जा निगम के अनुसार आजाद नगर और गांधी नगर फीडरों से लगभग 10 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। जबकि विद्युत वितरण खंड नगर क्षेत्र में लगभग 60 हजार कनेक्शन दर्ज हैं। इसके बावजूद इन दो फीडरों में बिजली खपत के मुकाबले भुगतान बेहद कम है, जिससे बड़े स्तर पर लाइन लास की स्थिति बनी है। ऊर्जा निगम के मानक के अनुसार न्यूनतम लाइन लास सात से आठ प्रतिशत और अधिकतम 12 से 15 प्रतिशत है। इसके बावजूद बनभूलपुरा क्षेत्र में यह सीमा कई गुना अधिक होना चौंकाता है और सीधे बिजली चोरी को दर्शाता है।

आजाद नगर व गांधी नगर में हैं ये क्षेत्र
आजाद नगर व गांधी नगर फीडर से बनभूलपुरा क्षेत्र जुड़ा है। इसमें लाइन नंबर एक से 18, गफूर बस्ती, आजाद नगर, गांधी नगर, आंबेडकर नगर, किदवई नगर, नई बस्ती समेत आसपास के कई इलाकों है। यहां 10 हजार से अधिक कनेक्शनधारी हैं, लेकिन राजस्व संग्रह बहुत कम है।अधिकारी दबी जुबान स्वीकार कर रहे हैं कि 70 से 87 प्रतिशत तक लाइन लास तकनीकी नुकसान नहीं है। यह सीधे-सीधे बिजली चाेरी है।

ऐसा पकड़ में आया मामला
कुमाऊं कमिश्नर दो दिन पहले अचानक कालाढूंगी सब स्टेशन पहुंच गए थे। उन्होंने मौके पर तैनात अवर अभियंता से बिजली चोरी के बारे में पूछना शुरू कर दिया। तब पता चला कि गांधी नगर क्षेत्र में सबसे अधिक चोरी होती है। इसके बाद कमिश्नर ने मौके से ही मुख्य अभियंता को फोन कर पूरी रिपोर्ट के साथ कैंप कार्यालय बुला लिया।मंगलवार को ऊर्जा निगम ने कमिश्नर को जब जानकारी दी तो बिजली चोरी की पूरी वास्तविकता का पर्दाफाश हो गया। साथ ही सवाल भी उठने लगे कि अभी तक ऊर्जा निगम चुप क्यों बैठा रहा?