Uttarakhand News 4 Dec 2025: हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड की डेमोग्राफी चेंज करने की घुसपैठियों की मंशा सफल नहीं होने देंगे। घुसपैठियों ने राशन कार्ड बनवा लिए। फर्जी कागजों पर निवास प्रमाणपत्र बनवाए। सरकार एक-एक कागज की जांच करा रही है। उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत पर आंच नहीं आने दी जाएगी। यहां के मूल निवासियों के मन में असुरक्षा का भाव पनपने नहीं देंगे। सीएम ने कहा कि प्रदेश में नीली-पीली-हरी चादर बिछाकर पहले जमीन कब्जाई जाती है फिर निर्माण हो जाता है। ऐसे 550 धार्मिक स्थलों की पहचान कर उसे हटाया गया। जमीनों को सरकार ने अपने कब्जे में लिया। कब्जा मुक्त अभियान निरंतर चलेगा
काठगोदाम स्थित सीआरपीएफ कैंप में आयोजित पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन उत्तराखंड के वार्षिक सम्मेलन के बाद बुधवार को धामी पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जेहाद पसंद लोग बस रहे हैं। मूल निवासी होने का दावा भी करने लगे हैं। कागज भी बनवा लिए हैं और इसके जरिये देवभूमि की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश में जुटे हैं। सरकार सजग है, ऐसा नहीं होने देगी। प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों को खराब नहीं होने दिया जाएगा।
10 हजार एकड़ जमीन कब्जा मुक्त कराई
सीएम ने कहा कि जिहाद पसंद लोग जहां भी खाली जमीन देखते हैं वहां कब्जे का प्रयास शुरू कर देते हैं। इन घुसपैठियों से प्रदेश में 10000 एकड़ जमीन कब्जा मुक्त कराई गई है। बहन-बेटी की तरफ आंख उठाकर देखने वालों पर कार्रवाई की है और करते रहेंगे। लव जिहाद, थूक जिहाद जैसे विक्षिप्त मानसिकता वाले लोगों को रोकने का कार्य कर रहे हैं।
देवत्व को बचाना सरकार का कर्तव्य
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता हीं नहीं कर्तव्य भी है। यहां के लोग शांति प्रिय हैं। देश के किसी कोने में यदि उत्तराखंड का नागरिक जाता है तो उसे सच्चे मन से लोग स्वीकारते हैं। कहते भी हैं कि सच्चा होगा, ईमानदार होगा, साफ सुथरा होगा…। यही भाव बना रहे…इसके लिए ही सरकार काम कर रही है।
दंगाई करेगा नुकसान की भरपाई
सीएम ने कहा कि दंगे की शुरुआत हल्द्वानी के बनभूलपुरा से हुई थी। पुलिस और प्रशासन के साथ ही तमाम लोगों पर हमला किया गया था। नियम बना दिया है कि जो भी दंगा करेगा वह नुकसान की भरपाई भी करेगा। सरकार ने गोरक्षा के कानून बनाया। प्रदेश की सीमा दो देशों से लगती है। कई पंथ, वर्ग, धर्म के लोग रहते हैं। सबके लिए यूसीसी के जरिये प्रदेश में एक समान नागरिक संहिता लागू किया।










