Uttarakhand News 1 April 2026: हल्द्वानी के नितिन लोहनी हत्याकांड में पुलिस ने चार्जशीट अभियोजन को सौंप दिया है। इसमें सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीद गवाह के बयान, पोस्टमार्टम व बैलिस्टिक रिपोर्ट सहित कई सबूत शामिल किए हैं। चार्जशीट को देखने के बाद अभियोजन पक्ष यदि कोई और दस्तावेज मांगेगा तो उसे उपलब्ध कराना होगा। इसी सप्ताह चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जा सकती है।

हत्यारोपी पार्षद अमित सिंह बिष्ट और सह आरोपी उसका बेटा जय बिष्ट इस वक्त जेल में हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल पुलिस ने लिए थे। सीसीटीवी फुटेज के आवाज से मिलान कराने के लिए इसे चंडीगढ़ केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि पुलिस का मानना है कि उसके पास पर्याप्त सबूत है।

यह है मामला
चार जनवरी की रात जज फार्म निवासी नितिन लोहनी (24) पुत्र कैलाश चंद्र लोहनी अपने दोस्त कमल भंडारी के साथ गौलापार लौटते वक्त पार्षद अमित बिष्ट के बेटे जय से मिलने उसके घर के सामने पहुंचा। कमल ने डोरबेल बजाई। बालकनी में आए पार्षद अमित बिष्ट ने बंदूक से फायर झोंक दिया। एक गोली के 50 से ज्यादा छर्रे नितिन लोहनी को पीठ पर लगे थे जबकि कमल भंडारी भाग गया। इस घटना के बाद हल्द्वानी का माहौल गरमा गया था। भाजपा का मंडल अध्यक्ष होने के कारण अमित सिंह बिष्ट को सत्ता पक्ष का संरक्षण मिलने का भी आरोप लगा था। बाद में भाजपा ने उसे बाहर कर दिया।

चार्जशीट में सबूत पर्याप्त

  • नितिन के शरीर से मिले 60 से ज्यादा छर्रे और घर की खिड़कियों पर मिले 50 छर्रों की बैलिस्टिक रिपोर्ट।
  • दो नाली बंदूक से ही चली थी गोली। इस तथ्य को मजबूत करते हुए बैलिस्टिक रिपोर्ट।
  • अमित बिष्ट के घर से बरामद डीवीआर में सीसीटीवी फुटेज में फायरिंग दिखना।
  • एक सीसीटीवी फुटेज में जय का पिस्टल लेकर घायल नितिन के पीछे दौड़ना।
  • सीसीटीवी फुटेज की आवाज का आरोपियों की आवाज से मिलान।
  • चश्मदीद कमल भंडारी का मौके पर मौजूद होना और गवाही देना।
  • हत्या को आत्मरक्षा में परिवर्तित करने की साजिश के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य होना।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले मामला
नितिन के पिता कैलाश चंद्र लोहनी ने मामले की सुनवाई फास्टट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बेटे के हत्यारों कोर्ट सख्त से सख्त सजा दे। उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। इधर जजफार्म की पार्षद रेखा बिनवाल ने भी पीड़ित पिता की मांग के आधार पर मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की

आरोपी को सजा दिलाने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। वॉयस सैंपल की रिपोर्ट सप्लीमेंट्री है। अभी चार्जशीट अवलोकन के लिए अभियोजन को दिया गया है। इसी सप्ताह इसे कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस ने मजबूत विवेचना की है।