Uttarakhand News 03 Jan 2026: मेरी आंखों के सामने बाघ मेरी मां को उठाकर ले गया और मैं कुछ नहीं कर पाई…। ये शब्द मृतका की बेटी अनीता के हैं जो बार-बार रोती हए यही बात दोहरा रही थी। एक बार तो वह बेहोश तक हो गई। तब वनकर्मियों ने उसे पानी पिलाया और वह थोड़ी देर बाद होश में आई।
ढेला रेंज की बबलिया चौकी के पास जब वनकर्मियों की टीम मृतका सुखिया देवी के शव को लेकर पहुंची तब मां के साथ जंगल गई बेटी अनीता फूट-फूटकर रोने लगी। बदहवास अनीता सड़क पर बेहोश हो गई। उसे इस बात का अफसोस था कि उसके सामने ही मां को बाघ उठाकर ले गया और वह कुछ नहीं कर सकी।
मौके पर मौजूद पुलिस व वनकर्मियों ने किसी तरह होश में लाने के लिए उसे पानी पिलाया। ग्रामीण महिलाओं ने वनकर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। बेटी को रोता देख लोगों की आंखें भी नम हो गईं और वे आक्रोशित हो उठे।
ग्रामीणों ने सुखिया के शव को लेकर जा और शव नहीं ले जाने दिया। ऐसे में दर्जनों रहे वनकर्मियों के वाहन को रोक लिया ग्रामीण वाहन पर चढ़ गए। गांव के पास जब वाहन पहुंचा तो उसे रोक दिया। यहां पर ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
लोगों को जंगल जाने से रोकने के लिए बना रहे हैं रणनीति : बडोला
सीटीआर निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि होटल, रिजॉर्ट कारोबारियों से ग्रामीणों से लकड़ी नहीं लेने का आग्रह किया है ताकि ग्रामीण जलौनी लकड़ी लेने के लिए जंगल न जाएं। पिछले दो से तीन वर्षों में बाघ और तेंदुए के हमले में जितने ग्रामीणों ने अपनी जान गंवाई है वे सभी जंगल में लकड़ी लेने गए थे। शुक्रवार को जो घटना हुई है, वह भी जंगल के अंदर हुई है। साफ है कि वन्यजीवों के क्षेत्र में ग्रामीणों के जाने से वो हमलावर हो रहे हैं। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों को जंगल में जाने से रोकने के लिए ठोस रणनीति पर काम किया जा रहा है।
एसएसपी भी जुट गए महिला की तलाश में
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी किसी कार्य से ढेला आए थे। लौटते समय – ढेला की बबलिया चौकी के पास उन्होंने ग्रामीणों को हाथ में लाठी, डंडे और तलवार लेकर जंगल की ओर जाते देखा। एसएसपी ने जानकारी ली तो वह भी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ महिला की तलाश में जुट गए। वृद्धा का शव मिलने के बाद एसएसपी ने सीओ सुमित पांडे, कोतवाल सुशील कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों को व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए।
वृद्धा के पति हैं पैरों से दिव्यांग…
मृतका की दो बेटियों अनीता, गीता की शादी हो चुकी है। बेटा अरुण 14 साल का है। पति चंदन सिंह पैरों से दिव्यांग हैं। चंदन सिंह ने कहा कि वह परिवार चलाती थी, मैं तो कुछ भी नहीं कर सकता हूं।
25 लाख मुआवजा देने की मांग
संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने बताया कि बुक्सा जनजाति महिला को बाघ ने मारा है। क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। समिति के सह संयोजक महेश जोशी ने मृतका के परिजनों को तत्काल 25 लाख रुपये मुआवजा देने, बाघ को जल्द पकड़ने की मांग की है।
रामनगर में सात माह के बाद बाघ का हमला
मई 2025 में तराई पश्चिमी वन प्रभाग की रामनगर रेंज में बाघ के हमले में एक युवक ने जान गंवाई थी। अब सात माह बाद जनवरी में वृद्धा की जान बाघ के हमले में चली गई। सात माह तक वन विभाग ने चैन की सांस ली लेकिन अब फिर चुनौतियां बढ़ गई हैं।
अफवाह फैलाई तो की जाएगी कार्रवाई
जब वनकर्मी शव लेकर जंगल से बाहर आ रहे थे तभी एक युवक जंगल में अन्य महिलाओं के होने की अफवाह फैलाने लगा। इस पर एसएसपी का पारा चढ़ गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को युवक का वीडियो बनाने के लिए कहा। यह देख वह मौके से चला गया। एसएसपी ने सीओ को उक्त युवक पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वृद्धा की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश काफी बढ़ गया और ग्रामीणों ने ढेला रामनगर मार्ग पर करीब दो घंटे जाम लगा दिया। जाम की वजह से जहां राहगीर परेशान हुए वहीं पुलिस और वनकर्मियों को ग्रामीणों को समझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
ढेला- रामनगर मार्ग पर गो घंटे लगा जाम
ग्रामीणों ने बताया कि साल-दर-साल बाघ गांव की महिलाओं को मार रहा है। सीटीआर की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों से सहयोग तो मांगा जाता है लेकिन इन वन्यजीवों से सुरक्षा दिलाने में पार्क प्रशासन पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। ग्रामीण तत्काल बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रदीप कुमार, तहसीलदार मनीषा मारकाना ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
बाद में सीटीआर निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने मृतका के बेटे से बात की और ग्रामीणों को दो दिन के भीतर बाघ को पकड़ने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला। इस दौरान मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी, पूर्व प्रधान राहुल डंगवाल, सांसद प्रतिनिधि इंदर रावत सहित आदि जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे पूर्व जाम के बाद ग्रामीणों को जल्द बाघ के पकड़े जाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।मौके पर मौजूद पुलिस व वनकर्मियों ने किसी तरह होश में लाने के लिए उसे पानी पिलाया। ग्रामीण महिलाओं ने वनकर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। बेटी को रोता देख लोगों की आंखें भी नम हो गईं और वे आक्रोशित हो उठे।
ग्रामीणों ने सुखिया के शव को लेकर जा और शव नहीं ले जाने दिया। ऐसे में दर्जनों रहे वनकर्मियों के वाहन को रोक लिया ग्रामीण वाहन पर चढ़ गए। गांव के पास जब वाहन पहुंचा तो उसे रोक दिया। यहां पर ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
लोगों को जंगल जाने से रोकने के लिए बना रहे हैं रणनीति : बडोला
सीटीआर निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि होटल, रिजॉर्ट कारोबारियों से ग्रामीणों से लकड़ी नहीं लेने का आग्रह किया है ताकि ग्रामीण जलौनी लकड़ी लेने के लिए जंगल न जाएं। पिछले दो से तीन वर्षों में बाघ और तेंदुए के हमले में जितने ग्रामीणों ने अपनी जान गंवाई है वे सभी जंगल में लकड़ी लेने गए थे। शुक्रवार को जो घटना हुई है, वह भी जंगल के अंदर हुई है। साफ है कि वन्यजीवों के क्षेत्र में ग्रामीणों के जाने से वो हमलावर हो रहे हैं। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों को जंगल में जाने से रोकने के लिए ठोस रणनीति पर काम किया जा रहा है।
एसएसपी भी जुट गए महिला की तलाश में
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी किसी कार्य से ढेला आए थे। लौटते समय – ढेला की बबलिया चौकी के पास उन्होंने ग्रामीणों को हाथ में लाठी, डंडे और तलवार लेकर जंगल की ओर जाते देखा। एसएसपी ने जानकारी ली तो वह भी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ महिला की तलाश में जुट गए। वृद्धा का शव मिलने के बाद एसएसपी ने सीओ सुमित पांडे, कोतवाल सुशील कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों को व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए।
वृद्धा के पति हैं पैरों से दिव्यांग…
मृतका की दो बेटियों अनीता, गीता की शादी हो चुकी है। बेटा अरुण 14 साल का है। पति चंदन सिंह पैरों से दिव्यांग हैं। चंदन सिंह ने कहा कि वह परिवार चलाती थी, मैं तो कुछ भी नहीं कर सकता हूं।
25 लाख मुआवजा देने की मांग
संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने बताया कि बुक्सा जनजाति महिला को बाघ ने मारा है। क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। समिति के सह संयोजक महेश जोशी ने मृतका के परिजनों को तत्काल 25 लाख रुपये मुआवजा देने, बाघ को जल्द पकड़ने की मांग की है।
रामनगर में सात माह के बाद बाघ का हमला
मई 2025 में तराई पश्चिमी वन प्रभाग की रामनगर रेंज में बाघ के हमले में एक युवक ने जान गंवाई थी। अब सात माह बाद जनवरी में वृद्धा की जान बाघ के हमले में चली गई। सात माह तक वन विभाग ने चैन की सांस ली लेकिन अब फिर चुनौतियां बढ़ गई हैं।
अफवाह फैलाई तो की जाएगी कार्रवाई
जब वनकर्मी शव लेकर जंगल से बाहर आ रहे थे तभी एक युवक जंगल में अन्य महिलाओं के होने की अफवाह फैलाने लगा। इस पर एसएसपी का पारा चढ़ गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को युवक का वीडियो बनाने के लिए कहा। यह देख वह मौके से चला गया। एसएसपी ने सीओ को उक्त युवक पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वृद्धा की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश काफी बढ़ गया और ग्रामीणों ने ढेला रामनगर मार्ग पर करीब दो घंटे जाम लगा दिया। जाम की वजह से जहां राहगीर परेशान हुए वहीं पुलिस और वनकर्मियों को ग्रामीणों को समझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
ढेला- रामनगर मार्ग पर गो घंटे लगा जाम
ग्रामीणों ने बताया कि साल-दर-साल बाघ गांव की महिलाओं को मार रहा है। सीटीआर की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों से सहयोग तो मांगा जाता है लेकिन इन वन्यजीवों से सुरक्षा दिलाने में पार्क प्रशासन पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। ग्रामीण तत्काल बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रदीप कुमार, तहसीलदार मनीषा मारकाना ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
बाद में सीटीआर निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने मृतका के बेटे से बात की और ग्रामीणों को दो दिन के भीतर बाघ को पकड़ने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला। इस दौरान मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी, पूर्व प्रधान राहुल डंगवाल, सांसद प्रतिनिधि इंदर रावत सहित आदि जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे पूर्व जाम के बाद ग्रामीणों को जल्द बाघ के पकड़े जाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।










