Uttarakhand News 14 Mar 2026: जंगल की आग की घटना की चुनौती बढ़ रही है। प्रदेश में फायर सीजन शुरू होने के बाद ही 73 वनाग्नि की घटना रिपोर्ट हो चुकी है, वहीं कुमाऊं के जंगल में आग लगने की घटनाएं हुई है। पर विभाग की वेबसाइट पर घटनाएं शून्य है।

सर्दियों में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से जंगल शुष्क हैं। ऐसे में जंगल की आग को लेकर संवेदनशीलता और बढ़ गई है। बढ़ते तापमान के साथ जंगल के आग की घटनाओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। नवंबर-2025 से 14 फरवरी तक प्रदेश में जंगल के आग की 61 घटनाएं हुई थी, इसमें करीब 42 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनों को नुकसान हुआ।

36 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन संपदा को क्षति
15 फरवरी से 13 मार्च तक 27 दिनों में जंगल की आग 73 घटनाएं हुई है। इसमें गढ़वाल रीजन में 70 और वन्यजीव क्षेत्र में तीन हुई है। इसमें 36 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन संपदा को क्षति पहुंची है। वन विभाग की वेबसाइट के अनुसार कुमाऊं नवंबर के बाद से मार्च तक जंगल में कोई भी आग की घटना नहीं हुई है।

कुमाऊं रीजन में वनाग्नि की घटना शून्य बताया गया है। जबकि स्थिति यह है कि 12 मार्च को अल्मोड़ा जिले के मटेला के जंगल में वनाग्नि की घटना हुई। इस आग पर दमकल विभाग की टीम ने काबू पाया था।