Uttarakhand News 03 Aug 2026: उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जनपद में सीमावर्ती सेना की चौकियां बिजली से रोशन होंगी। इसके लिए ऊर्जा निगम ने भारत सरकार की पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र सुधार योजना (आरडीएसएस) अंतर्गत सीमा चौकियों के विद्युतीकरण की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए गंगोत्री धाम से पहले कोपांग में विद्युत सब स्टेशन बनाया जाएगा, जहां से नेलांग घाटी होते हुए सेना की अग्रिम चौकियों तक बिजली पहुंचाई जाएगी।

ऊर्जा निगम कोपांग में बना रहा सब स्टेशन

बता दें कि सीमांत उत्तरकाशी जनपद से भारत-चीन की करीब 122 किलोमीटर लंबी लगती है, जिसकी सुरक्षा में भारतीय सेना सहित आईटीबीपी के जवान बारह महीने तैनात रहते हैं। लेकिन वर्तमान में सीमावर्ती नेलांग, जादूंग, नीलापानी, सुमला व मंडी आदि क्षेत्रों में विद्युत ग्रिड से बिजली की आपूर्ति नहीं है। इस कारण बिजली के विकल्प के रुप में सेना व आईटीबीपी के जवान डीजल व पेट्रोल जनरेटर सेट सहित सौर ऊर्जा पर निर्भर रहती है।

नेलांग होते हुए अग्रिम चौकियों तक पहुंचाई जायेगी बिजली

शीतकाल में कई बार मौसम बिगड़ने के साथ सड़क मार्ग बाधित होने ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होती है। वहीं, जनरेटर सेट से पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके मद्देनजर अब भारत सरकार ने सीमावर्ती सेना चौकियों के भी विद्युतीकरण की योजना बनाई है, जिसके तहत यहां ऊर्जा निगम उत्तरकाशी को भारत सरकार की पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र सुधार योजना अंतर्गत सीमा चौकियों के विद्युतीकरण के लिए 80 करोड़ रुपए का बजट मिला है।

टेंडर प्रक्रिया के साथ निर्माण कंपनी का चयन व एग्रीमेंट

इस बजट से टेंडर प्रक्रिया के साथ निर्माण कंपनी का चयन व एग्रीमेंट हो चुका है, जिसके तहत निर्माण कंपनी कोपांग में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण करेगी। इसमें भटवाड़ी से 33 केवी विद्युत लाइन कोपांग पहुंचाया जाना भी प्रस्तावित है, जिसके बाद कोपांग होते हुए नेलांग घाटी सहित जादूंग, नीलापानी, सुमला व मंडी आदि अग्रिम सेना की चौकियों तक बिजली पहुंचाई जायेगी।

भारत सरकार व ऊर्जा निगम की इस पहल से जहां सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। वहीं, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हर्षिल में लो-वोल्टेज की समस्या भी होगी दूर

कोपांग में विद्युत सब स्टेशन बनने से हर्षिल घाटी के आठ वाइब्रेंट विलेज हर्षिल, बगोरी, धराली, सुक्की, झाला, जसपुर, पुराली व मुखबा में लो-वोल्टेज की समस्या भी दूर हो जायेगी। विशेषकर सर्दियों में यहां लो-वोल्टेज की समस्या रहती है। इसका असर घाटी के पर्यटन व्यवसाय पर भी पड़ता है।ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि जब विद्युत सब स्टेशन बन जायेगा तो यह अधिक विद्युत का लोड ले सकेगा, जिससे लो- वोल्टेज की समस्या नहीं रहेगी।

भारत सरकार की आरडीएसएस योजना में आगामी दो वर्ष के भीतर सीमा चौकियों का विद्युतीकरण पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए कोपांग में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शुरू हो चुका है। वर्तमान में भटवाड़ी से 33 केवी लाइन कोपांग तक पहुंचाने का काम चल रहा है।