Uttarakhand News 19 Feb 2026: राजपुर रोड पर नशे और रफ्तार के कारण कार पलटने से दो युवकों की मौत के मामले में अदालत ने मंगलवार आरोपी को बरी कर दिया। घटना सात साल पहले हुई थी। इस मामले के अहम गवाह अदालत में अपने बयानों से पलट गए। इसके चलते चतुर्थ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश चन्द्र की अदालत ने मुख्य आरोपी रोहित उर्फ चीनू को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

मैगी पॉइंट पर पार्टी करके निकले थे
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 9 दिसंबर 2018 की है। रोहित अपने चार दोस्त ऋषभ, अनिल, नीरज और अदिति नेगी के साथ मसूरी रोड स्थित एक मैगी पॉइंट पर पार्टी करने गया था। कार में सवार युवती ने शुरुआत में बताया था कि उन्होंने पार्टी में शराब पी थी और रोहित नशे में काफी तेज गाड़ी चला रहा था। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने बताया कि कार का म्यूजिक सिस्टम बहुत तेज बज रहा था और गाड़ी के अंदर से शराब की तीखी गंध आ रही थी। कार साईं मंदिर के पास किसी चीज से टकराकर पलट गई, जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में अनिल और नीरज की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

चश्मदीद गवाहों के यू टर्न से अभियोजन का केस पलटा
घटना के समय कार में मौजूद अदिति नेगी ने कोर्ट में गवाही देते हुए साफ कह दिया कि गाड़ी रोहित नहीं चला रहा था। कहा कि उसने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया था। वहीं एक स्थानीय निवासी को पुलिस ने चश्मदीद गवाह बताया था, उन्होंने भी जिरह में कह दिया कि वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। अदालत ने कहा कि मुख्य चश्मदीद गवाह ही आरोपी की पहचान करने और गाड़ी चलाने की बात से इनकार कर दें तो केवल संदेह के आधार पर किसी को सजा नहीं दी जा सकती।