Uttarakhand News 10 Feb 2026: विकासनगर (देहरादून)। कोतवाली सहसपुर में एक अनुसूचित जाति की विवाहिता ने मूल रूप से राजस्थान निवासी पति व ससुरालियों के खिलाफ उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।
विवाहिता ने आरोप लगाया कि अलग जाति की होने की वजह से ससुरालियों ने घर के अंदर ही दो मंदिर बना दिए। रसोई में काम करने पर भी घृणा की जाने लगी।
तिपरपुर निवासी विवाहिता ने महिला हेल्पलाइन देहरादून को प्रार्थना पत्र दी थी।
बताया कि उसका विवाह हिन्दू रीति के अनुसार 23 अप्रैल 2016 को तिपरपुर में अशोक शर्मा मूल निवासी बामोरी भाकक्ड मोहल्ला बरधाला करोली थाना गढ़मोरा जिला करौली (राजस्थान)के साथ हुआ था।
विवाह के बाद वह पति के साथ बडोवाला फेज तीन आरकेडिया ग्रांट में रहने लगी। उसने पति के साथ मिलकर मकान बनवाया था।
इसके दो साल बाद पति ने धोखे से मकान बेच दिया और वे किराये के मकान में रहने लगे।
उसका नौ साल का पुत्र है, जो उसके साथ रहता है। विवाह के बाद से पति के भाई सागर शर्मा, राजेश शर्मा, माता ललिता देवी व पिता दिनेश चन्द भी मकान में आकर रहने लगे।
शादी से पहले पति अशोक शर्मा उसे जानते थे। उन्होंने अरेंज मेरिज की थी। आरोप है कि जब से ससुराल पक्ष के अन्य लोग उनके साथ रहने लगे तभी से विवाहिता के साथ मतभेद शुरू हो गया।
सास, ससुर व देवर अभद्रता करने लगे। जाति सूचक शब्द कहकर उसका तिरस्कार किया जाने लगा। घर में पहले से एक मंदिर बना था, लेकिन बाद में घर में ही दूसरा मंदिर बना दिया गया। तलाक देने की धमकी दी जाने लगी।
पति व ससुराली उसके साथ मारपीट करते थे और वीडियो भी बनाते थे। उसकी ननद हेमलता भी फोन पर उसे बुरा भला कहती। बीमार होने के बाद भी उसकी उपेक्षा की गई।
विवाह से पूर्व पीड़िता दस हजार रुपये प्रतिमाह पर नौकरी करती थी। पति ने वर्ष 2019 में उसकी नौकरी छुड़वा दी।
पति व देवर मिलकर किसी अन्य पार्टनर के साथ झाझरा में मार्बल का व्यवसाय करते हैं। पति ठेकेदारी का कार्य भी करता है। अप्रैल 2025 में पति ने उसके साथ रहना बंद कर दिया और फोन नंबर भी ब्लाक कर दिया है।
एसएसआइ विकास रावत ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।










