Uttarakhand News 22 september 2025: एक बेटे की पढ़ाई का सुनहरा सपना अब परिजनों के लिए असीम दुख और चिंता का कारण बन गया है। स्टडी वीजा पर रूस गए छात्र को वहां सेना ने बंदूक थमाकर यूक्रेन से जंग के मैदान में उतार दिया। 30 अगस्त को परिजनों से हुई आखिरी बार बात में उसने इसका खुलासा किया। परिजनों ने भारत सरकार से उसे सकुशल लाने की मांग की है। कुशमौठ, शक्तिफार्म निवासी राजबहादुर सिंह के बेटे राकेश मौर्य (30) ने 5 अगस्त को स्टडी वीजा लेकर रूस की उड़ान भरी। उसका मकसद सिर्फ उच्च शिक्षा हासिल करना था। लेकिन वहां पहुंचते ही उसे धोखे से बंदूक थमाकर सेना में भर्ती कर लिया गया।
पासपोर्ट और दस्तावेज छीने, रूसी सेना की वर्दी थमाई
राकेश के पासपोर्ट और महत्वपूर्ण दस्तावेज छीन लिए गए। मोबाइल और लैपटॉप से सभी आधिकारिक मेल डिलीट कर दिए गए। रूस में लिखे दस्तावेज पर जबरन हस्ताक्षर कराई गई और उसे सैन्य वर्दी पहनाकर डोनबास क्षेत्र में मिलिट्री ट्रेनिंग और जंग के लिए भेज दिया गया।
परिवार ने भारतीय दूतावास से मदद मांगी
राकेश के भाई ने बताया कि उसने अपने बड़े भाई की सकुशल वापसी के लिए रूस में भारतीय दूतावास से संपर्क किया था। वहां भाई के साथ हुई घटना की शिकायत दर्ज कराई। साथ ही उसके सकुशल वापसी की गुहार लगाई। उसने विदेश मंत्रालय से भी संपर्क करने की कोशिश की। बताया कि स्थानीय प्रशासन को भी उसके भाई के लापता होने की जानकारी दी है।










