Uttarakhand News 9 April 2026: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर (बडगाम) से अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

इस दौरान टीम को क्षेत्रवासियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट और फर्जी बैंक खातों के जरिए देशभर में लोगों को निशाना बना रहा था। सात राज्यों में फैले गिरोह के नेटवर्क को बेनकाब कर एसटीएफ अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।

65 लाख रुपये की साइबर ठगी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी 71 वर्षीय बुजुर्ग से 65 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले की जांच के दौरान इस संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। ठगों ने खुद को टेलीकाम विभाग, सीबीआइ और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और व्हाट्सएप वीडियो काल पर फर्जी वर्दी व दस्तावेज दिखाकर रकम ट्रांसफर करा ली।

तकनीकी जांच के बाद एसटीएफ टीम ने बडगाम (जम्मू-कश्मीर) से शौकत हुसैन मलिक और बिलाल अहमद को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय स्तर पर विरोध और दबाव की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस टीम ने संयम रखते हुए कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड, आधार-पैन सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।

जांच में सामने आया है कि इन बैंक खातों से जुड़े मामलों में उत्तराखंड सहित देश के सात राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। एसटीएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है, साथ ही अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।

ऐसे करते थे ठगी
आरोपित फर्जी बैंक खाते, सिम कार्ड और एटीएम के जरिए साइबर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर निकालते थे। डिजिटल अरेस्ट जैसे हथकंडे अपनाकर लोगों को डराया जाता था और फिर धनराशि हड़पी जाती थी। एसएसपी के अनुसार, यह कार्रवाई बेहद संवेदनशील परिस्थितियों में की गई, क्योंकि पूर्व में संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हमले की घटनाएं भी हो चुकी हैं। स्थानीय पुलिस के सहयोग लेकर उत्तराखंड एसटीएफ ने प्रभावी पैरवी कर आरोपितों का रिमांड हासिल किया है।