Uttarakhand News 2 April 2026: प्रदेश में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने उद्योगों के लिए बिजली के दामों की तीन श्रेणियां बनाई हैं। हर श्रेणी का अलग-अलग दाम तय किया है। एक अप्रैल से लागू हुए टैरिफ में टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू किया गया है, जिससे बिजली के बिल पर असर पड़ेगा।
आयोग ने राज्य के एलटी व एचटी उद्योगों के लिए बिजली की दरों और बिलिंग प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इससे बिजली का बिल केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि आपने कितनी बिजली खर्च की, बल्कि इस पर भी निर्भर करेगा कि आपने किस समय (टाइम ऑफ डे) बिजली का उपयोग किया है। आयोग ने दिन के समय को तीन श्रेणियों में बांटा है।
पहले पीक आवर्स के दौरान बिजली सबसे महंगी होगी। सर्दियों में सुबह छह से नौ बजे और शाम को छह से 10 बजे तक पीक समय रहेगा। गर्मियों में केवल शाम छह से 11 बजे तक पीक समय माना जाएगा। दूसरी श्रेणी सोलर आवर्स की है, जो कि सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक होगी।
बाहरी लोड जोड़कर रीडिंग लेनी होगी
इस अवधि में बिजली की दरें सबसे सस्ती होंगी। तीसरी श्रेणी नॉर्मल आवर्स की है, जिसके तहत देर रात और दोपहर के कुछ घंटों में सामान्य दरें लागू होंगी। टाइम ऑफ डे मीटर की रीडिंग केवल मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट (एमआरआई) के जरिए ही ली जाएगी। इसमें छेड़छाड़ की रिपोर्ट और लोड सर्वे का पूरा विवरण होगा।
यदि उद्योग का लोड बहुत कम या शून्य है तो मीटर की रीडिंग नहीं ली जाएगी। ऐसी स्थिति में यूपीसीएल को बाहरी लोड जोड़कर रीडिंग लेनी होगी। उपभोक्ता अपने बिल के साथ एमआरआई सारांश रिपोर्ट भी प्राप्त कर सकते हैं। 15 रुपये के अतिरिक्त भुगतान पर विस्तृत लोड सर्वे रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है।
उद्योगों के लिए बिजली की दरें रुपये में
श्रेणी नॉर्मल आवर्स पीक आवर्स सोलर आवर्स
एलटी इंडस्ट्री 5.75 7.48 4.46
एचटी इंडस्ट्री 6.85 8.91 5.31
एचटी इंडस्ट्री (50% से अधिक लोड) 6.60 8.58 5.12










