Uttarakhand News 06 Feb 2026: प्रदेश में अब समान नागरिक संहिता के तहत विवाह पंजीकरण में दी गई छूट और पंजीकरण के लिए बढ़ाई गई समय सीमा समाप्त हो गई है। यानी अब समान नागरिक संहिता के तहत किए गए प्रविधानों के अनुसार ही तय समय के भीतर विवाह पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। अन्यथा की स्थिति में शासन द्वारा तय विलंब शुल्क लिया जाएगा।

प्रदेश में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी, 2025 में लागू की गई थी। इस दौरान विवाह पंजीकरण, विवाह-विच्छेद व वसीयत के पंजीकरण के लिए शुल्क एवं विलंब शुल्क की व्यवस्था की गई थी।

इसके तहत विवाह पंजीकरण के लिए 250 और तत्काल विवाह पंजीकरण प्राप्त करने के लिए 2500 शुल्क रखा गया। इसी तरह विवाह पंजीकरण के लिए लिए समान नागरिक संहिता लागू होने के छह माह के भीतर विवाह पंजीकरण कराने की समय-सीमा रखी गई।

नियमानुसार 26 मार्च, 2010 से लेकर अब तक हुए सभी विवाह का पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। शुरुआत में सरकार ने आमजन को इसके प्रति जागरूक करने को पंजीकरण शुल्क व तय समय सीमा में छह-छह माह कर दो बार छूट दी।

इसके तहत 26 जनवरी, 2026 तक विवाह पंजीकरण निश्शुल्क रखा गया। साथ ही इसमें विलंब शुल्क को भी एक वर्ष तक के लिए स्थगित रखा गया। अब समान नागरिक संहिता लागू हुए एक वर्ष की अवधि बीत चुकी है।

सरकार ने इनकी समय-सीमा बढ़ाने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। इससे साफ है कि अब तय समय पर विवाह कराना अनिवार्य होगा।

‘समान नागरिक संहिता के तहत अभी छूट का नया आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में नियमानुसार व्यवस्था प्रभावी रहेगी।’
-शैलेश बगौली, सचिव गृह

पंजीकरण शुल्क की दरें
विवाह पंजीकरण- 250 रुपये
तत्काल- 2500 रुपये
विलंब पंजीकरण – 200 रुपये
90 दिनों से अधिक देरी के लिए- 300 रुपये
(विलंब शुल्क की गणना तीन माह की अवधि को एक मानते हुए की जाएगी)

  • अधिकतम 10 हजार तक शुल्क